दूध मांगने पर हैवान बना पिता, पीट-पीट कर 4 साल के मासूम की कर दी हत्या
दूध मांगने पर हैवान बना पिता, पीट-पीट कर 4 साल के मासूम की कर दी हत्या

मुंबई के पवई इलाके से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. यहां महज चार साल के एक मासूम बच्चे की जान उसके अपने पिता के हाथों चली गई. आरोप है कि दूध के लिए रो रहे बच्चे पर पिता को इतना गुस्सा आया कि उसने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी और फिर उसे दरवाजे पर पटक दिया. गंभीर चोट लगने से बच्चे की मौत हो गई.
14 दिनों से मायके गई थी पत्नी पुलिस के मुताबिक घटना पवई के गौतमनगर इलाके में गुरुवार तड़के करीब पांच बजे हुई. मृतक बच्चे की पहचान चार वर्षीय यश के रूप में हुई है. यश एक स्पेशल चाइल्ड था और परिवार का इकलौता बेटा था. घटना के समय घर में केवल यश और उसका पिता राजेश सिंह मौजूद थे. बच्चे की मां पिछले करीब 14 दिनों से अपने मायके गई हुई थी.
बताया जा रहा है कि राजेश सिंह शराब का आदी है और कोई स्थायी काम नहीं करता था. परिवार का खर्च उसकी पत्नी घरों में काम करके चलाती थी. घटना वाले दिन यश ने अपने पिता से दूध मांगा. जब उसे समय पर दूध नहीं मिला तो वह रोने लगा. आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर राजेश ने बच्चे की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी. गुस्से में उसने मासूम को उठाकर दरवाजे पर पटक दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई.
मासूम की हालत बिगड़ने पर उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की गई. बाद में उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी सिर में गंभीर चोट और फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि बच्चे की मौत सिर पर लगी घातक चोटों के कारण हुई. घटना के बाद आरोपी राजेश अपनी बहन के घर पहुंचा और उसे बताया कि उसने अपने बेटे की पिटाई की है.
आरोपी पिता को भेजा गया पुलिस हिरासत में यह सुनकर बहन तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. वहां की स्थिति देखकर वह स्तब्ध रह गई. इसके बाद उसने बिना देर किए पवई पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई. सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया. उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 1 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा, शराब की लत और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस बच्चे को पिता की गोद में सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करना चाहिए था, उसी पिता के हाथों उसकी जिंदगी का अंत हो गया. यश की मौत ने पूरे इलाके को गम और सदमे में डुबो दिया है.
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