कौन थी मेस आंटी पार्वती? बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले बना रही थीं बच्चों के लिए पराठा, हादसे में गई जान

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कौन थी मेस आंटी पार्वती? बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले बना रही थीं बच्चों के लिए पराठा, हादसे में गई जान

01 जून 2026 को 11:14 am बजे
कौन थी मेस आंटी पार्वती? बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले बना रही थीं बच्चों के लिए पराठा, हादसे में गई जान
कौन थी मेस आंटी पार्वती? बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले बना रही थीं बच्चों के लिए पराठा, हादसे में गई जान

Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. मलबे से अब तक कुल 6 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. वहीं दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. मरने वाले में एक 50 वर्षीय मेस आंटी भी शामिल हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्रों के लिए सिर्फ एक मेस संचालिका नहीं, बल्कि घर से दूर मां जैसी थीं. सभी उन्हें प्यार से मेस आंटी कहकर बुलाते थे. बिल्डिंग गिरने से पहले वह छात्रों से लिए पराठा बन रही थी.

इस दौरान बगल वाली बिल्डिंग का मलबा उनकी कैंटीन पर गिरा गया और वह मलबे के नीचे दब गई, जिससे उनकी मौत हो गई. मेस आंटी का नाम पार्वती थी और वह मूल रूप से नेपाल की रहने वाली थीं, पिछले कई वर्षों से छात्रों के लिए मेस चला रही थीं. डेढ़ साल पहले उन्होंने साकेत इलाके में अपनी नई मेस शुरू की थी, जहां मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र रोजाना खाना खाने आते थे. सस्ते और घर जैसे स्वाद वाले खाने के कारण उनकी मेस छात्रों के बीच फेसम थी.

बेटी ने कहा- देर रात तक सुनाई दे रही थी मां चीख

हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद उनकी बेटी नीलम और दामाद अनिकेत अपनों की तलाश में घंटों इंतजार करते रहे. मृतका की बेटी नीलम ने बताया कि देर रात तक मुझे मां की चीखें सुनाई दे रही थीं. वह मां के साथ बिताए गए पलों को मोबाइल में देखकर रो रही थी. पार्वती अपना जन्मदिन मेस के कार्मचारी और छात्रों के साथ मनाती थी.

किसी को भूखा नहीं लौटने देती थीं मेस आंटी

छात्रों का कहना है कि पार्वती कभी किसी को भूखा नहीं लौटाती थीं. चाहे रात कितनी भी देर हो जाए, वह छात्रों के लिए खाना जरूर उपलब्ध कराती थीं. मेडिकल छात्र कपिल ने बताया कि हर दिन यहां करीब सौ छात्र आते थे. हमें यहां घर जैसा माहौल मिलता था. आंटी का खाना हमें अपने घर की याद दिलाता था.

कभी मना नहीं करती थी पार्वती

मोहम्मद इमाम नामक छात्र ने बताया कि मेस में दाल, चावल, सब्जी, सलाद, पराठा और ऑमलेट बेहद किफायती दामों पर मिलता था. अगर कोई छात्र देर से भी पहुंचता, तो आंटी कभी मना नहीं करती थीं. उनके मेस में आने वाले छात्रों का कहना है कि वह भले आज नहीं हैं, लेकिन सैकड़ों छात्रों की यादों में मेस आंटी हमेशा जिंदा रहेंगी.

2 अधिकारी हुए सस्पेंड

वहीं कल दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता में घटनास्थल का निरीक्षण किया था. उन्होंने जांच के आदेश दिए थे. लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. सीएम ने जर्जर इमारतों की जांच कर कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं.

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