जूनियर डॉक्टर को उठक-बैठक कराने वाले 3 सीनियर रेजिडेंट सस्पेंड

राजनीति

जूनियर डॉक्टर को उठक-बैठक कराने वाले 3 सीनियर रेजिडेंट सस्पेंड

18 जून 2026 को 09:26 am बजे
जूनियर डॉक्टर को उठक-बैठक कराने वाले 3 सीनियर रेजिडेंट सस्पेंड

गुजरात के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक, अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से सीनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी और रैगिंग के एक मामले में सरकार ने एक्शन ल‍िया है. यहां ऑर्थोपेडिक विभाग के पहले साल के एक जूनियर रेजिडेंट छात्र को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में सरकार और कॉलेज प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में दोषी पाए गए दूसरे वर्ष के तीन सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 6 महीने से लेकर 1 साल तक की अवधि के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है. गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्रवाई से साफ संकेत दे दिया है कि डॉक्टरों की फौज तैयार करने वाले इन पवित्र संस्थानों में दादागिरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में खुली पोल मामला तब सामने आया जब ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रथम वर्ष के एक छात्र ने अपने सीनियर्स द्वारा की जा रही प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाई.  जांच में सामने आया कि यहां फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टरों को वार्डों और ड्यूटी के दौरान घंटों तक उठक-बैठक (Sit-ups) करने की सजा दी जाती थी. इस केस में दूसरे वर्ष के तीन रेजिडेंट डॉक्टरों ने जूनियर छात्र के साथ रैगिंग जैसी असामाजिक हरकत को अंजाम दिया था.

शिकायत मिलते ही कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी ने मामले की त्वरित और गहन जांच की. जांच में तीनों सीनियर छात्र पूरी तरह दोषी पाए गए, जिसके बाद कमेटी की सिफारिश पर उन्हें तुरंत प्रभाव से 6 महीने से लेकर 1 साल तक के लिए सस्पेंशन का हुक्म सुना दिया गया. इस सस्पेंशन से इन छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद होना तय है.

इस घटना पर गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. सरकार की तरफ से बयान जारी करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को जड़ से खत्म किया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीजे मेडिकल कॉलेज में हुई रैगिंग की इस घटना को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. हमारी सरकार सभी छात्रों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उन्होंने आगे कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग जैसी किसी भी असामाजिक प्रवृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा. सभी छात्रों को ऐसी घिनौनी और गैर-कानूनी हरकतों से दूर रहना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग और सरकार कटिबद्ध है कि भविष्य में गुजरात के किसी भी कॉलेज में ऐसी घटना दोबारा न हो.

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