पुलिस अधिकारियों को धमका रहा था शख्स, सुनवाई में जज को कहा ‘चुप रहो’
पुलिस अधिकारियों को धमका रहा था शख्स, सुनवाई में जज को कहा ‘चुप रहो’

कोर्ट-कचहरी ऐसी जगह है, जहां बड़े-बड़े मुजरिम भी घिग्घी बांधे खड़े नजर आते हैं. अधिकतर लोग इस डर में कुछ ज्यादा बोलने से डरते हैं कि कहीं उनका कोई एक लफ्ज़ उनकी सज़ा में और इज़ाफा न कर दे. लेकिन कनाडा के बैरी शहर में सामने आए एक मामले ने कोर्ट की इसी आम तस्वीर को उल्टा कर दिया, जहां एक आरोपी न सिर्फ बेकाबू हुआ, बल्कि उसने अदालत की गरिमा तक को चुनौती दे डाली.
यह पूरा मामला 2022 से 2024 के बीच का है, जब एक 31 वर्षीय शख्स पर पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों को सोशल मीडिया के जरिए धमकाने, परेशान करने और लगातार निशाना बनाने के आरोप लगे. आरोपी की पहचान Dylan Zona के रूप में हुई है.
शुरुआत में मामला एक साधारण ऑनलाइन शिकायत जैसा था, जो शायद मामूली कार्रवाई या चेतावनी तक ही सीमित रह सकता था लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तस्वीर बदलती चली गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और कई पुलिस अधिकारियों को टारगेट करना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे मामला सिर्फ पुलिस तक नहीं रहा, बल्कि उनके परिवारों और बाद में न्यायपालिका से जुड़े लोगों तक पहुंच गया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों को ट्रैक किया. कई मामलों में उसने निजी जानकारी निकालकर डर और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की.
इस पूरे घटनाक्रम ने पीड़ित परिवारों की जिंदगी पर गहरा असर डाला. कई लोग लगातार सुरक्षा को लेकर चिंतित रहने लगे और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ. मामल यहीं नहीं थमा. कोर्ट सुनवाई के दौरान भी आरोपी ने नियंत्रण खो दिया और एक महिला जज के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और चुप रहने तक को कहा.
इस घटना के बाद अदालत ने इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए सख्त रुख अपनाया. सुनवाई की अध्यक्षता कर रहीं Cecilia Applegate ने साफ कहा कि कोर्ट में इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
मामले में फैसला सुनाते हुए Nancy Dawson ने आरोपी को 32 महीने की जेल की सजा सुनाई. अदालत ने माना कि आरोपी का व्यवहार सिर्फ गुस्सा नहीं था, बल्कि यह महिलाओं और पुलिस के खिलाफ नफरत और आक्रामकता से जुड़ा हुआ पैटर्न था.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रिहाई के बाद भी आरोपी पर सख्त पाबंदियां लागू रहेंगी, जिसमें सोशल मीडिया उपयोग पर रोक, पीड़ितों से दूरी और बैरी शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है.
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