भारत की कूटनीतिक पहल, पड़ोसी देशों में राजनीतिक दिग्गजों को मिलेगी जिम्मेदारी
भारत की कूटनीतिक पहल, पड़ोसी देशों में राजनीतिक दिग्गजों को मिलेगी जिम्मेदारी

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक रूप से और मजबूत करने की एक व्यापक योजना तैयार की है. बताया जा रहा है कि इसके तहत आठ से नौ महत्वपूर्ण देशों में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ नेताओं को उच्चायुक्त या राजनीतिक दूत नियुक्त किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार पड़ोसी देशों के साथ अपने रिश्तों को और रिश्तों को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. इस रणनीतिक के तहत सरकार महत्वपूर्ण 8-9 पड़ोसी देशों में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं को उच्चायुक्त (High Commissioner) या राजनीतिक दूत (Political Envoy) के रूप में नियुक्त करने पर विचार कर रही है.
सरकार ने इस नई कूटनीतिक रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए सबसे पहला कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश की तरह ही नेपाल और श्रीलंका जैसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पड़ोसी मुल्कों में भी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले कद्दावर चेहरों को प्रतिनिधियों की नियुक्ति की तैयारियां की जा रही है.
इस पूरे कूटनीतिक बदलाव का एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'नेबरहुड फर्स्ट' यानी 'पड़ोसी पहले' की विदेश नीति को और ज्यादा आक्रामक तथा प्रभावी बनाना है. सरकार का मानना है कि जिन नेताओं के पास अंतरराष्ट्रीय मामलों और विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की गहरी समझ है, वो भारत के रणनीतिक हितों को ज्यादा मजबूती से आगे बढ़ा सकेंगे और विपरीत वैश्विक परिस्थितियों में देश के संदेश को सही ढंग से पड़ोसी देशों तक पहुंचा सकेंगे.
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