तोड़ेगा नहीं ममता की पार्टी पर 'कब्जा' करेगा बागी गुट, टीम काकोली का प्लान आ गया सामने
तोड़ेगा नहीं ममता की पार्टी पर 'कब्जा' करेगा बागी गुट, टीम काकोली का प्लान आ गया सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर का कोलकाता से शुरू हुआ संकट अब दिल्ली तक पहुंच गया है. टीएमसी के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा ऐतिहासिक बिखराव देखा जा रहा है. टीएमसी के जिन सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंका है, वो पार्टी को तोड़ने के बजाय टीएमसी पर कब्जा करने का प्लान बनाया है.
टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है. इस बागी गुट की अगुवाई वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार कर रही हैं. बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग ब्लॉक (गुट) के रूप में बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है और केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है.
सूत्र के मुताबिक टीएमसी के बागी सांसद ममता बनर्जी से अलग होकर कोई नई पार्टी नहीं बनाने जा रहा है बल्कि पार्टी को अपने कब्जे में लेने का है. कानूनी आधार पर टीएमसी में बंटवारा होगा. बागी गुट के सांसद 'असली' टीएमसी होने का दावा करेंगे.
बागी सांसदों के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी अपने संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रही थी. काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर के लिखे पत्र में कहा कि कई फैसले इस तर लिए गए हैं, जो पार्टी संविधान का उल्लंघन है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी के भीतर की बगावत अब महज एक दलबदल नहीं रह गई है.य वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 19 सांसदों के बागी रुख ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली की संसद में जो कुछ हो रहा है, वह महाराष्ट्र के 'शिवसेना मॉडल' (एकनाथ शिंदे फॉर्मूला) की हूबहू नकल है.
काकोली घोष दस्तीदार का प्लान सिर्फ पार्टी छोड़ना या भाजपा में शामिल होना नहीं है, बल्कि उनका सीधा लक्ष्य ममता बनर्जी को किनारे कर 'असली टीएमसी' पर कब्जा जमाना है. TMC का बंटवारा शिवसेना और LJP जैसे हालात जैसा ही है है. किसी विलय की ज़रूरत नहीं और न ही अलग हुए गुट को मान्यता मिलने की संभावना है.
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