हिंदी उपन्यास पर बनी टीवी सीरीज, नत्थू की गलती से हुए दंगे, दूरदर्शन पर जब हुई रिलीज घरों में पसर गया सन्नाटा
हिंदी उपन्यास पर बनी टीवी सीरीज, नत्थू की गलती से हुए दंगे, दूरदर्शन पर जब हुई रिलीज घरों में पसर गया सन्नाटा

हिंदी उपन्यासों पर कई फिल्में और टीवी शो बने हैं. आज भी पुरानी कहानियों और घटनाओं को उठाकर फिल्में और सीरीज बनाई जाती हैं. लेकिन हम आपको आज बताने जा रहे हैं दूरदर्शन के एक शो के बारे में जिसे विकिपीडिया पर फिल्म भी बताया जाता है. दरअसल इसकी ड्यूरेशन इतनी लंबी थी कि इसे सात एपिसोड्स में तोड़कर दिखाया गया था. इस तरह ना ये फिल्म रही ना डेली सोप इसे आप दूरदर्शन की एक मिनी टीवी सीरीज जरूर कह सकते हैं. ये ऐसी सीरीज है जो दूरदर्शन पर रात को आती थी तो घरों में सन्नाटा पसर जाता था. भारत-पाकिस्तान विभाजन, दर्दनाक चीखें, हिंदू-मुस्लिम और बंटवारे का दर्द. इसमें सब देखने को मिला. इस सीरीज का नाम है 'तमस' जो उस वक्त दूरदर्शन की हिट प्रॉपर्टी थी.
सिख और हिंदू परिवारों की दुर्दशा दिखाता है तमस
'तमस' का मतलब होता है अंधेरा. 1988 में आई इस सीरीज को गोविंद निहलानी ने लिखा और डायरेक्ट किया था. यह सीरीज भीष्म साहनी के 1974 में आए उपन्यास पर आधारित है. इस उपन्यास का नाम तमस ही है. इसके लिए उन्हें 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था. सीरीज में 1947 में भारत के बंटवारे के समय दंगों से प्रभावित पाकिस्तान, बंटवारे के चलते भारत आए सिख और हिंदू परिवारों की दुर्दशा को दिखाती है. इसे सबसे पहले दूरदर्शन पर एक मिनी-सीरीज के तौर पर और बाद में चार घंटे की एक फीचर फिल्म के तौर पर दिखाया गया था.
तीन अवॉर्ड जीती थी तमस
35वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में तमस ने तीन अवॉर्ड जीते. इनमें राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नरगिस दत्त अवॉर्ड भी शामिल था. अगस्त 2013 में इसे हिस्ट्री TV18 पर एक सीरीज के तौर पर दिखाया गया था. शो की एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का खिताब जीता और वनराज भाटिया ने बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए अवॉर्ड हासिल किया.

Photo Credit: social media
तमस की कहानी
तमस की कहानी की शुरुआत 'नत्थू' नाम के एक शख्स से होती है. साजिश के तहत एक नेता नत्थू को 5 रुपये का लालच देकर सूअर मारने के लिए कहता है. नत्थू पहले तो इंकार करता है लेकिन फिर इस जाल में फंस ही जाता है और सूअर को मार देता है. उस सूअर की लाश पास ही मस्जिद की सीढ़ियों पर मिल जाती है. ये घटना पूरे शहर में दंगे भड़का देती है.
तमस की स्टार कास्ट
इस सीरीज में ओम पुरी ने नत्थू का रोल निभाया था. दीपा साही कर्मो के किरदार में नजर आईं. इनके अलावा अत्तरा बाओकर, अमरीश पुरी, एके हंगल, मनोहर सिंह, भीष्म साहनी, दीना पाठक, केके रैना, सुरेखा सीकरी, सुरेंद्र पाल, वीरेंद्र सक्सेना, पिंचू कपूर, आकाश खुराना और हरीश पटेल अहम किरदारों में नजर आए.
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