सचिन को पसंद है 'लगान' फिल्म का ये गाना, सुनकर मिलती है शांति
सचिन को पसंद है 'लगान' फिल्म का ये गाना, सुनकर मिलती है शांति

आमिर खान की फिल्म लगान बॉलीवुड के इतिहास की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक है. इसने इंटरनेशनल स्तर पर भी कमाल किया था. फिल्म को ऑस्कर्स में एंट्री मिल गई थी, जो किसी इंडियन फिल्म के लिए बड़ी बात मानी जाती है. कुछ दिन पहले 15 जून को लगान ने अपने 25 साल पूरे किए, जिसपर आमिर और उनकी टीम ने भी जबरदस्त सेलिब्रेशन किया.
लगान फिल्म को रिलीज हुए 25 साल गुजर गए. इस मौके पर उन्हें 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर से बधाई मिली. आमिर के प्रोडक्शन हाउस ने सचिन का एक स्पेशल मैसेज वीडियो शेयर किया, जिसमें वो इस फिल्म के बारे में काफी बातें करते नजर आए. सचिन ने बताया कि कैसे लगान में उनका भी छोटा सा योगदान था.
सचिन ने कहा- क्रिकेट के बारे में बात करें, तो हर शाम को मेरा बेटा अर्जुन नीचे से खेलकर आता था और खाना खाते समय लगान फिल्म लगाकर बैठ जाता था. मुझे याद है जब हमने फिल्म देखी थी, तो वो काफी एक्साइटिंग मोमेंट था और उसके बाद हर शाम मेरे लिए एक्साइटिंग बनी. मगर फिल्म की रिलीज से दो साल पहले आपने (आमिर खान) मुझसे पूछा था कि मैं इस तरह की फिल्म बनाने का सोच रहा हूं.
'तो जो दर्शक स्टेडियम में बैठे होते हैं, उनकी असली आवाज मुझे कहां मिल सकती है? मैंने आपसे कहा था कि हम अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर पर खेल रहे हैं. मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में आ जाओ, और क्राउड की आवाज रिकॉर्ड कर लो. और इसी तरह से फिल्म में क्राउड की असली आवाज इस्तेमाल की गई.'
A story of cricket that resonated with the God of Cricket himself. Watch what Sachin Tendulkar has to say about Lagaan, 25 years later. ⭐ pic.twitter.com/4y33RM8cQE
सचिन ने अंत में फिल्म के म्यूजिक की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने अपना फेवरेट गाना बताते हुए कहा- अगर मुझे एक गाना चुनना है, तो मेरे घर में हर कोई ओ पालनहारे गाना चुनेगा. लता दीदी और उदित नारायण जी की आवाज में गाया गाना. जब भी लगता है कि मूड ठीक नहीं है, खुद को शांत करने की जरूरत है तो हम वो गाना लगा देते हैं. आज भी.
लगान फिल्म के सभी गाने जावेद अख्तर ने लिखे हैं, जिन्होंने कुछ ही समय पहले बताया था कि उनके करियर का सबसे मुश्किल गाना ओ पालनहारे है. चूंकि वो नास्तिक हैं, इसलिए उन्हें इस गाने को लिखने में सच्ची श्रद्धा और भाव लाने पड़े, जो उनके लिए एक चैलेंज जैसा था.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें