क्या iPhone की वजह से कम पैदा हो रहे हैं बच्चे? रिसर्च में दावा

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क्या iPhone की वजह से कम पैदा हो रहे हैं बच्चे? रिसर्च में दावा

10 जून 2026 को 06:24 pm बजे
क्या iPhone की वजह से कम पैदा हो रहे हैं बच्चे? रिसर्च में दावा

ऐपल ने 2007 में दुनिया को iPhone दिया था. उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि एक छोटा-सा डिवाइस, जो आपकी जेब में आ सकता है और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाता है, वह समाज पर इतने बड़े बदलाव भी ला सकता है. एक रिसर्च के मुताबिक स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल का असर बर्थ रेट पर भी पड़ सकता है.

आइए जानते हैं कि आखिर कैसे iPhone और मॉडर्न स्मार्टफोन लोगों के माता पिता बनने का खुशियां छीन जा रही है.

रिसर्च स्टडी में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि 2007 के बाद स्मार्टफोन और मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल का बर्थ रेट पर क्या असर पड़ा. इन रिसर्च में रेसेअर्चेर्स Caitlin K. Myers और Ezekiel Hooper ने यह देखा कि स्मार्टफोन के पॉपुलैरिटी और बर्थ रेट में गिरावट के बीच कोई संबंध है या नहीं.

जैसे-जैसे स्मार्टफोन लोगों तक पहुंचने लगे, वैसे-वैसे लोगों का दोस्तों और परिवार के साथ आमने-सामने मिलना-जुलना कम होने लगा. अब लोग अपने फोन की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं.

रिसर्च के मुताबिक, पिछले दो दशकों में लोगों के सोशल  मेलजोल में बड़ी गिरावट आई है. लोग घर से कम बाहर निकलते हैं, जिससे रोमांटिक रिश्ते बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के मौके भी कम हो जाते हैं. इसका असर लंबे समय में शादी और बच्चों पर पड़ सकता है.

रिसर्च के अनुसार, लोग इंटरनेट पर पहले से कहीं ज्यादा समय बिताते हैं. मनोरंजन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन कंटेंट में बढ़ती दिलचस्पी की वजह से कई लोग असली दुनिया में नए रिश्ते बनाने के लिए कम समय निकाल पाते हैं.

रेसेअर्चेर्स का मानना है कि बढ़ता स्क्रीन टाइम लोगों की सोशल एक्टिविटी को आसार कर सकता है, जिससे रिश्ते बनने की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है.

स्मार्टफोन की मदद से आज किसी भी जानकारी तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है. लोगफॅमिली प्लानिंग, कंट्रासेप्टिव जानकारी आसानी से निकल सकते हैं.

इसके साथ ही प्राइवेसी भी बढ़ी है, जिससे लोग अपनी पसंद के अनुसार फॅमिली की प्लानिंग बना सकते हैं. साइंटिस्ट का मानना है कि बेहतर जानकारी की वजह से एक्सीडेंटल प्रेगनेंसी के मामलों में कमी आई है, जिसका असर बर्थ रेट पर भी दिखाई देता है.

रेसेअर्चेर्स ने 2007 से 2011 के बीच के डेटा का एनालिसिस किया. उन्होंने उन एरिया का एग्जामिन किया जहां 3G इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ रही थी. रिसर्च में पाया गया कि जिन इलाकों में तेज मोबाइल इंटरनेट पहले पहुंचा, वहां लोगों के सोशल बिहेवियर में बदलाव ज्यादा तेजी से देखने को मिला. कुछ मामलों में वहां बर्थ रेट में भी गिरावट दर्ज की गई.

यह बदलाव सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. मेक्सिको, ईरान, तुर्की समेत कई देशों में स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बर्थ रेट में गिरावट देखी गई है. हालांकि, यह कहना गलत होगा कि सिर्फ iPhone ही इसके लिए जिम्मेदार है. बर्थ रेट कम होने के पीछे से कई कारण मिलकर काम करते हैं.

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