सावन में दो ग्रहण, पूजा-पाठ पर बुरा असर? भूलकर भी न करें ये गलतियां!

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सावन में दो ग्रहण, पूजा-पाठ पर बुरा असर? भूलकर भी न करें ये गलतियां!

19 जुलाई 2026 को 08:01 am बजे
सावन में दो ग्रहण, पूजा-पाठ पर बुरा असर? भूलकर भी न करें ये गलतियां!

Sawan 2026: श्रावण का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. लेकिन इस वर्ष सावन धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से काफी विशेष है. पंचांग के अनुसार, इस साल सावन में एक नहीं बल्कि दो-दो ग्रहण लगने जा रहे हैं एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण. सावन जैसे पावन मास में ग्रहण का योग होना भक्तों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा कर रहा है. क्या ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ बंद रहेंगे? क्या सूतक काल के नियम हमारे दैनिक अनुष्ठानों में बाधा डालेंगे? अगर आप भी इन सवालों को लेकर चिंतित हैं?

सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026): पंचांग के अनुसार, साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है. यह एक खग्रास सूर्य ग्रहण होगा, जो मुख्य रूप से आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देशों में दिखाई देगा.

चंद्र ग्रहण (28 अगस्त 2026): रक्षाबंधन के दिन, यानी 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के क्षेत्रों में नजर आएगा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल तभी मान्य होता है जब ग्रहण का प्रभाव हमारे भौगोलिक क्षेत्र में हो. चूंकि ये दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए भारत में इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा. ग्रहण भारत की भौगोलिक सीमा से बाहर पड़ रहे हैं, इसलिए आपको अपनी दैनिक पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर डरने की कोई आवश्यकता नहीं है.

भारत में दृश्यता न होने के कारण मंदिरों के कपाट बंद करने या पूजा पर पाबंदी लगाने का कोई नियम लागू नहीं होगा. आप सावन के सोमवार या अन्य शुभ तिथियों पर बिना किसी बाधा के शिव भक्ति और अभिषेक कर सकते हैं.

यद्यपि भारत में ग्रहण का सूतक मान्य नहीं है, फिर भी ज्योतिष शास्त्र और पुरानी परंपराओं के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखना हमेशा शुभ माना जाता है:

नकारात्मक विचारों से बचें: ग्रहण का समय हो या न हो, सावन के पवित्र महीने में मन में नकारात्मक विचार न लाएं. यह समय स्वयं के शुद्धिकरण का होता है.

पूजा की पवित्रता बनाए रखें: ग्रहण के नाम पर डरें नहीं, लेकिन अपने इष्ट देव के प्रति अटूट विश्वास रखें. ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए आप घर पर ही भगवान के मंत्रों का जाप कर सकते हैं.

अफवाहों पर ध्यान न दें: सोशल मीडिया पर अक्सर ग्रहण को लेकर डर फैलाया जाता है. भारत के बाहर लगने वाले ग्रहणों के लिए सूतक के नियम घर पर लागू नहीं होते, इसलिए अनावश्यक रूप से अपनी दिनचर्या में बदलाव न करें.

दान-पुण्य को नजरअंदाज न करें: सावन के महीने में सात्विक दान करना बहुत फलदायी होता है. ग्रहण वाले दिनों में भी आप अपनी श्रद्धा अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता कर सकते हैं.

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