कुछ भी छुपाना होगा नामुमकिन: इनकम टैक्स पोर्टल पर लाइव हुई विदेशी कमाई की डिटेल

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कुछ भी छुपाना होगा नामुमकिन: इनकम टैक्स पोर्टल पर लाइव हुई विदेशी कमाई की डिटेल

17 जुलाई 2026 को 06:21 am बजे
कुछ भी छुपाना होगा नामुमकिन: इनकम टैक्स पोर्टल पर लाइव हुई विदेशी कमाई की डिटेल
कुछ भी छुपाना होगा नामुमकिन: इनकम टैक्स पोर्टल पर लाइव हुई विदेशी कमाई की डिटेल

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में अब टैक्सपेयर्स के फॉरेन असेट्स और आय से संबंधित जानकारी भी दिखाई देगी, जो ‘Automatic Exchange of Information’ (एईओआई) व्यवस्था के तहत मिलती है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित प्राप्त जानकारी एआईएस में प्रदर्शित की जा चुकी है.

वर्ष 2025 से संबधित जानकारी सितंबर या अक्टूबर, 2026 में प्राप्त होने के बाद एआईएस में जोड़ दी जाएगी. भारत को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समझौतों और व्यवस्थाओं के तहत 100 से अधिक साझेदार न्याय-क्षेत्रों से अपने कर निवासियों से संबंधित वित्तीय जानकारी मिलती है.

इसमें विदेशी बैंक खातों, संरक्षक खातों, कुछ वित्तीय निवेश, ब्याज, लाभांश और अन्य निर्दिष्ट आय से जुड़ी सूचनाएं शामिल हो सकती हैं. अब तक करदाता आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर एआईएस के माध्यम से अपने पैन से जुड़ी घरेलू वित्तीय जानकारी देख सकते थे. इस तरह ब्याज इनकम, डिविडेंड, सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन, म्यूचुअल फंड निवेश और प्रॉपर्टी डील से संबंधित जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाती है.

टैक्सपेयर्स को होगी काफी सुविधा

सूत्रों ने कहा कि एईओआई ढांचे के तहत विदेशी परिसंपत्तियों और आय के बारे में मिलने वाली जानकारी को एआईएस में प्रदर्शित करने का उद्देश्य पात्र करदाताओं को कंप्लायंस में सुविधा देना है, न कि उनकी जांच करना. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एआईएस में दिखाई गई विदेशी जानकारी केवल उतनी ही है, जितनी विभाग को साझेदार देशों से प्राप्त हुई है और यह करदाता की विदेशी परिसंपत्तियों या आय का पूरी डिटेल नहीं है. ऐसी स्थिति में टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि अपने इनकम टैक्स रिटर्न में अनुसूची एफए और एफएसआई के तहत सभी फॉरेन असेट्स और विदेशी स्रोत की आय का सही और पूरा विवरण दें, चाहे वह एआईएस में दिखे या नहीं.

पोर्टल से कैसे मिलेगी जानकारी

सूत्रों ने बताया कि एआईएस में उपलब्ध यह जानकारी संबंधित टैक्सपेयर्स को ही उसके सुरक्षित लॉग-इन के माध्यम से उपलब्ध होगी. इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स को इस सुविधा की जानकारी देने और आकलन वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरते समय विदेशी परिसंपत्तियों और आय का सही उल्लेख करने के लिए एसएमएस और ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं. सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह पहल टैक्सपेयर्स को अंतरराष्ट्रीय सूचना आदान-प्रदान ढांचे के तहत उपलब्ध जानकारी तक पहुंच देने और सटीक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए है, न कि जांच या छानबीन का माध्यम है.

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