कौन हैं फेरान टोरेस, जिन्होंने FIFA फाइनल में गोल दागकर स्पेन को बनाया चैम्पियन
कौन हैं फेरान टोरेस, जिन्होंने FIFA फाइनल में गोल दागकर स्पेन को बनाया चैम्पियन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का चैम्पियन स्पेन बन गया है. न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में रविवार देर रात खेले गए खिताबी मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फुटबॉल का सबसे बड़ा ताज अपने नाम कर लिया. मुकाबला पूरे 90 मिनट तक गोलरहित रहा, लेकिन अतिरिक्त समय में एक ऐसा पल आया जिसने पूरी कहानी बदल दी.
मैच के 106वें मिनट में निको विलियम्स ने शानदार हेडर से गेंद बॉक्स के भीतर पहुंचाई. वहां मौजूद फेरान टोरेस ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ गेंद को नेट में पहुंचा दिया. यह गोल न सिर्फ मैच का पहला गोल था बल्कि स्पेन को वर्ल्डचैंपियन बनाने वाला गोल भी साबित हुआ.
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स्टेडियम में मौजूद हजारों स्पेनिश समर्थक खुशी से झूम उठे, जबकि अर्जेंटीना के खिलाड़ी और फैंस स्तब्ध रह गए. पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्पेन ने फाइनल में भी अपना धैर्य बनाए रखा और आखिरकार ट्रॉफी जीत ली.
29 फरवरी 2000 को स्पेन के फोयोस (Foios) में जन्मे फेरान टोरेस आज स्पेनिश फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं. वह फॉरवर्ड और विंगर दोनों पोजिशन पर खेल सकते हैं. उनकी सबसे बड़ी ताकत रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग, दोनों पैरों से खेलने की क्षमता और बड़े मैचों में दबाव झेलने का हुनर है. आज वह बार्सिलोना और स्पेन की नेशनल टीम का अहम हिस्सा हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा.
छह साल की उम्र में शुरू हुआ सपना फेरान टोरेस ने महज छह साल की उम्र में वेलेंसिया की मशहूर फुटबॉल अकादमी जॉइन की थी. यहीं से उनकी फुटबॉल की बुनियाद तैयार हुई. 2016 में उन्होंने वेलेंसिया बी टीम से सीनियर फुटबॉल में कदम रखा. अगले ही साल उन्हें पहली टीम में जगह मिल गई. दिसंबर 2017 में उन्होंने ला लीगा में डेब्यू किया और वह स्पेनिश लीग में खेलने वाले 2000 के बाद जन्मे पहले फुटबॉलर बने.यह भी पढ़ें: स्पेन बना फुटबॉल का नया बादशाह, फाइनल में मेसी की अर्जेंटीना को 1-0 से हराया, फेरान टोरेस रहे जीत के हीरो
2019 में उन्होंने चैम्पियंस लीग में अपना पहला गोल दागा और वेलेंसिया के सबसे कम उम्र के चैम्पियंस लीग गोल स्कोरर बन गए. इसी दौरान उन्होंने क्लब के लिए सबसे कम उम्र में 50 ला लीगा मैच खेलने का रिकॉर्ड भी बनाया.
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वेलेंसिया से मैनचेस्टर सिटी तक उनके शानदार प्रदर्शन पर यूरोप के कई बड़े क्लबों की नजर थी. अगस्त 2020 में पेप गार्डियोला की मैनचेस्टर सिटी ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया. सिटी के लिए पहले ही सीजन में उन्होंने प्रीमियर लीग और ईएफएल कप जीता. चैम्पियंस लीग में लगातार तीन मैचों में गोल करने वाले वह सबसे कम उम्र के स्पेनिश खिलाड़ी बने. न्यूकैसल के खिलाफ उन्होंने अपना पहला हैट्रिक भी लगाया. हालांकि चोटों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण अगले सीजन में उन्हें नियमित मौके नहीं मिले. इसके बाद उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया.
बार्सिलोना पहुंचे, फिर आया करियर का सबसे मुश्किल दौर दिसंबर 2021 में बार्सिलोना ने फेरान टोरेस को मैनचेस्टर सिटी से करीब 5.5 करोड़ यूरो में साइन किया. जनवरी 2022 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर क्लब जॉइन किया और जून 2027 तक का करार किया. उनके कॉन्ट्रैक्ट में एक अरब यूरो का बायआउट क्लॉज रखा गया, जो बताता है कि क्लब उन्हें कितना अहम खिलाड़ी मानता था.
हालांकि शुरुआती महीनों में उन्होंने कुछ अहम गोल किए, लेकिन अगले सीजन में उनकी फॉर्म लगातार गिरती चली गई. रॉबर्ट लेवांडोव्स्की, राफिन्हा और उस्मान डेम्बेले जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में उन्हें अक्सर बेंच पर बैठना पड़ा.
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जब मनोवैज्ञानिक की मदद लेनी पड़ी 2023 में फेरान टोरेस ने खुद स्वीकार किया कि वह मानसिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे. उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस होता था जैसे वे 'बिना तल वाले कुएं' में गिर गए हों. इसी दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट की मदद ली. यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास लौटा और मैदान पर भी उसका असर दिखाई देने लगा.
फिर शुरू हुई वापसी की कहानी 2024 में उन्होंने रियल बेटिस के खिलाफ अपने बार्सिलोना करियर की पहली हैट्रिक लगाई. इसके बाद चैम्पियंस लीग में बोरूसिया डॉर्टमुंड के खिलाफ दो गोल कर टीम को शानदार जीत दिलाई.
इसी प्रदर्शन की बदौलत बार्सिलोना ने ला लीगा, कोपा डेल रे और सुपरकोपा डी एस्पाना जीतकर घरेलू ट्रेबल पूरा किया.
इसके अगले सीजन में भी टोरेस ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा. उन्होंने 21 गोल दागे, जो उनके क्लब करियर का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा रहा और बार्सिलोना को एक और ला लीगा खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई.
स्पेन के लिए भी लगातार बने मैच विनर फेरान टोरेस ने स्पेन की लगभग हर जूनियर टीम का प्रतिनिधित्व किया. 2017 में अंडर-17 यूरोपीय चैंपियन बने, 2019 में अंडर-19 यूरो कप जिताया और फाइनल में दो गोल भी किए. 2020 में उन्होंने सीनियर टीम में डेब्यू किया. कुछ ही महीनों बाद यूक्रेन के खिलाफ पहला इंटरनेशनल गोल किया और फिर जर्मनी जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हैट्रिक लगाकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
यूरो 2020 में क्रोएशिया के खिलाफ गोल किया. यूईएफए नेशंस लीग में इटली के खिलाफ सेमीफाइनल में दो गोल दागे. 2022 फीफा वर्ल्ड कप में कोस्टा रिका के खिलाफ दो गोल किए. इसके बाद यूरो 2024 जीतने वाली स्पेनिश टीम के भी अहम सदस्य रहे.
2026 वर्ल्ड कप में भी उनका योगदान लगातार बना रहा. प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ उन्होंने मैच जिताने वाला असिस्ट दिया और फिर फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ अतिरिक्त समय में वह गोल दाग दिया, जिसने स्पेन को वर्ल्ड चैम्पियन बना दिया.
106वें मिनट का गोल हमेशा रहेगा याद फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. निर्धारित 90 मिनट में कोई गोल नहीं हुआ. अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में निको विलियम्स ने शानदार हेडर से गेंद फेरान टोरेस तक पहुंचाई. टोरेस ने बिना गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया. यह गोल स्पेन की वर्ल्डकप जीत का आधार बना और उन्हें फाइनल का सबसे बड़ा हीरो बना गया.
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