'वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाएगा', HC का आदेश

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'वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाएगा', HC का आदेश

21 जुलाई 2026 को 01:39 pm बजे
'वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाएगा', HC का आदेश

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चल रहे मामले में हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि वांगचुक को अब मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाए. कोर्ट ने मेदांता को निर्देश दिया है कि वह डॉक्टरों का एक पैनल बनाए जो उनका इलाज करेगा. उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट इस पैनल को सौंपी जाएंगी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ इस मामले की सुनवाई की.

कोर्ट ने साफ कहा है कि इस मामले में पूरा और विस्तृत आदेश लंच के बाद सुनाया जाएगा. सुनवाई के दौरान सरकार और वांगचुक के पक्ष के बीच इस बात पर भी चर्चा हुई कि उनकी निगरानी कहां और कैसे होनी चाहिए.

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकार को वांगचुक के मेदांता हॉस्पिटल जाने पर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन सरकार की तरफ से एक शर्त रखी गई कि उन्हें डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ हॉस्पिटल से डिस्चार्ज नहीं होना चाहिए.

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वांगचुक के आसपास मौजूद कुछ लोग उन्हें हॉस्पिटल से बाहर निकालने की कोशिश में हैं और इसका असर बाहर भी पड़ सकता है. सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि वांगचुक अपनी पसंद का हॉस्पिटल और डॉक्टर चुन सकते हैं, लेकिन उन्हें मेडिकल सलाह के खिलाफ डिस्चार्ज नहीं होना चाहिए.

My heartfelt thanks to the Hon’ble #delhihighcourt for passing favourable order of discharge of @Wangchuk66 to #medanta, the hospital of our choice! My heartfelt thanks also to @SibalAkhil and Bahuli Sharma and their teams for this win against unbelievable odds in record time!!

यह भी पढ़ें: भूख हड़ताल के 23वें दिन कैसी है सोनम वांगचुक की सेहत? अस्पताल ने जारी किया बुलेटिन

उन्होंने कोर्ट से सवाल किया कि अगर वांगचुक वापस प्रदर्शन स्थल पर चले गए तो क्या होगा और अगर उन्हें कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में कोई रिस्क नहीं ले सकती, क्योंकि यह सीधे तौर पर वांगचुक की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है.

हाई कोर्ट ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट पढ़ने और डॉक्टरों से बातचीत करने के बाद यह बात सामने आई है कि सभी डॉक्टर इस बात पर सहमत हैं कि वांगचुक की सेहत पर लगातार निगरानी जरूरी है.   डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी निगरानी कहीं भी की जा सकती है. हालांकि इस पर सभी डॉक्टरों की राय एक जैसी नहीं थी. डॉक्टर टंडन ने अपनी राय अलग रखते हुए कहा कि वांगचुक की निगरानी हॉस्पिटल में ही होनी चाहिए, ताकि किसी भी जरूरत पर तुरंत इलाज मिल सके.

इन सभी बातों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया जाए क्योंकि यह हॉस्पिटल उनकी अपनी पसंद का है. हालांकि सॉलिसिटर जनरल ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि उनकी सरकार के साथ भी इस मामले में पहले से बातचीत हुई थी.

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