'Pump & Dump' का खेल, सेबी ने 221 संस्थाओं को कर दिया बैन

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'Pump & Dump' का खेल, सेबी ने 221 संस्थाओं को कर दिया बैन

02 जुलाई 2026 को 07:33 am बजे
'Pump & Dump' का खेल, सेबी ने 221 संस्थाओं को कर दिया बैन

मार्केट रेग्युलेटर ने पंप-एंड-डंप के खेल (Stock Market Pump & Dump) पर अपनी सख्ती जारी रखी है. सेबी ने तगड़ा एक्शन लेते हुए 221 संस्थाओं पर शिकंजा कसा है और इन्हें सात साल के लिए बैन कर दिया है. इसके अलावा एक निवेशक पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. SEBI की ओर से कहा गया है कि प्रतिबंधित की गई इन संस्थाओं ने इस पंप एंड डंप माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 143.79 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया.

निवेशक हनीफ शेख पर तगड़ा जुर्माना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड सेबी ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि मौर्य उद्योग लिमिटेड, 7NR रिटेल, दार्जिलिंग रोपवे कंपनी, GBL इंडस्ट्रीज और विशाल फैब्रिक्स लिमिटेड के शेयरों में इस मामले में कथित मास्टरमाइंड हनीफ शेख और उसकी सहयोगी संस्थाओं ने हेरफेर किया था. रेग्युलेटर ने शेख पर 10 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है.

सेबी ने 394 पन्नों के अपने आदेश में कहा कि हनीफ शेख की पंप एंड डंप योजना के तहत 200 से अधिक संस्थाओं ने 'PV इन्फ्लुएंसर्स', 'सहयोगी या ऑफलोडर्स' के रूप में भाग लिया था. जिससे कि अवैध लाभ को उसके द्वारा नियंत्रित कंपनियों या संस्थाओं के प्रमोटरों को ट्रांसफर किया जा सके.

2017 से 2020 तक हुआ हेरफेर पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 और 2020 के बीच 5 कंपनियों के शेयरों में बड़े पैमाने पर पंप-एंड-डंप के खेल को अंजाम दिया गया. सेबी ने कहा कि अंतिम लाभार्थियों को छिपाने के लिए पैसों को कई बिचौलियों के माध्यम से भेजा गया था. सेबी सदस्य अमरजीत सिंह का कहना है कि पूरे मामले में उजागर धोखाधड़ी की योजना, हालांकि नई नहीं थी, लेकिन इसे शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था, जिसमें 226 से ज्यादा संस्थाएं 5 अलग-अलग योजनाओं में अपनी निर्धारित भूमिकाएं निभाने के लिए एक साथ आई थीं.

सेबी ने पाया कि इन संस्थाओं ने इस योजना के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 143.79 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया. इनमें शामिल पांच संस्थाओं को छह साल के लिए बैन कर प्रत्येक पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

'पंप एंड डंप' स्ट्रेटजी आखिर है क्या?  यहां जान लेना जरूरी है कि आखिर Pump & Dump योजना क्या है? तो बता दें कि ये शेयर मार्केट (Stock Market) में धोखाधड़ी को अंजाम देने की एक रणनीति है. जिसमें किसी शेयर को लेकर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाकर पहले उसे पंप किया जाता है और जब उसकी कीमत बढ़ जाती है, तो उसे डंप कर दिया जाता है. साफ शब्दों में कहें तो Stock Price बढ़ने पर इसे ऊंची कीमत में बेचकर इस योजना को अंजाम देने वाले लोग बाहर निकल जाते हैं और आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है.

सबसे खास बात ये है कि शेयर को लेकर झूठे दावे ऐसे लोगों द्वारा किए जाते हैं, जिनका प्रभाव प्रबल होता है और निवेशक आसानी से उनकी बातों में आ जाते हैं. निवेशक इनसे प्रोत्साहित होकर उस शेयर में निवेश करने लगते हैं. खरीदारी बढ़ने पर जब शेयर की कीमत में तेज उछाल आता है, तो फिर ऐसे समय में वो लोग अपनी हिस्सेदारी को बेच देते हैं और मोटा मुनाफा कमाकर निकल जाते हैं. वहीं दूसरी ओर अचानक बिकवाली के चलते स्टॉक प्राइस टूटता है, तो इसमें पैसे लगाने वाले आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है.

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

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