उत्तर दिशा में तो नहीं बना आपका बाथरूम? ये है सही डायरेक्शन

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उत्तर दिशा में तो नहीं बना आपका बाथरूम? ये है सही डायरेक्शन

18 जून 2026 को 12:21 pm बजे
उत्तर दिशा में तो नहीं बना आपका बाथरूम? ये है सही डायरेक्शन

Vastu Tips Toilet Facing: आज के समय में बड़े शहरों में रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में रहने वाले लोग भी अनजाने में कई बार अपने घर में ऐसी गलत निर्माण करवा लेते हैं, जिसका असर उनके जीवन पर पड़ता है. सुविधा और आधुनिकता के चलते कई बार घर की दिशा और ऊर्जा संतुलन पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते हैं.

आज के समय में 90 के दशक के बाद से घरों में अटैच्ड बाथरूम का चलन काफी बढ़ गया है. पहले जहां एक पूरे परिवार के लिए एक ही बाथरूम होता था, वहीं अब हर कमरे के साथ बाथरूम होना आम बात हो गई है. सुविधा और प्राइवेसी के लिहाज से यह सही है, लेकिन कई बार इसकी दिशा पर ध्यान नहीं दिया जाता है. आइए पंडित कमल नंदलाल जी से जानते हैं बाथरूम की सही दिशा.

वास्तु के अनुसार बाथरूम का संबंध राहु से माना जाता है. ऐसे में अगर बाथरूम गलत दिशा में बना हो, तो यह जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है. खासतौर पर उत्तर दिशा में बना टॉयलेट गंभीर वास्तु दोष माना जाता है. उत्तर दिशा को देव दिशा कहा गया है. यह कुबेर की दिशा होती है, जो धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं. यही दिशा धन के आगमन की भी मानी जाती है. वहीं दक्षिण दिशा को धन के संचय की दिशा कहा गया है. इसलिए तिजोरी अक्सर दक्षिण दिशा में रखने की सलाह दी जाती है.

अगर उत्तर दिशा में कोई वास्तु दोष होता है, खासकर टॉयलेट, तो इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. कमाई होने के बावजूद बचत नहीं हो पाती और धीरे-धीरे आर्थिक संकट बढ़ने लगता है. आजकल फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में यह समस्या काफी आम हो गई है. ऐसे में अगर आपके घर में भी उत्तर दिशा में टॉयलेट बना हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. एक सरल उपाय से इसके दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

घर का केंद्र (ब्रह्मस्थान)  घर के बिल्कुल बीचोबीच कभी भी बाथरूम या टॉयलेट नहीं होना चाहिए.

दक्षिण-पश्चिम का बाहरी हिस्सा (South of South-West)  यदि उत्तर-पश्चिम में जगह न हो, तो दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच के हिस्से (SSW) में भी टॉयलेट बनाया जा सकता है.

केवल स्नानघर (Only Bathroom/Shower Area) के लिए दिशा

यदि आप केवल नहाने की जगह (बिना कमोड/टॉयलेट सीट के) बना रहे हैं, तो इसके लिए पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा बेहद शुभ होती है. यहां से आने वाली सुबह की धूप और सकारात्मक ऊर्जा स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जाती है.

अगर आपका टॉयलेट उत्तर दिशा में बना हुआ है तो उसके अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप एक हरे रंग की कांच की बोतल लें और उसमें मनी प्लांट का पौधा लगाएं. इस बोतल को घर की उत्तर दिशा में रख दें. यह उपाय उत्तर दिशा की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है और वास्तु दोष के प्रभाव को कम करता है.

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