महाभारत की सबसे शक्तिशाली महिलाएं, जिनसे कांपता था हर कोई!

स्वास्थ्य

महाभारत की सबसे शक्तिशाली महिलाएं, जिनसे कांपता था हर कोई!

22 जून 2026 को 09:21 am बजे
महाभारत की सबसे शक्तिशाली महिलाएं, जिनसे कांपता था हर कोई!

Mahabharat Facts: महाभारत काल की जब भी बात होती है, तो अक्सर वीर पुरुषों के नाम और उनके पराक्रम की कहानियां ही सामने आती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस समय कुछ ऐसी वीर और शक्तिशाली स्त्रियां भी थीं, जिनकी अद्भुत शक्तियां इतिहास के पन्नों में कहीं दबकर रह गईं. आखिर कौन थीं ये स्त्रियां और क्यों इनकी चर्चा कम होती है, आइए जानते हैं.

इसमें सबसे पहला नाम आता है हिडिंबा का. वह एक भयानक राक्षस हिडिंब की बहन थी और खुद भी कई मायावी शक्तियों की स्वामिनी थी. वह रूप बदलने में माहिर थी और एक साथ कई लोगों को आकाश में उठा सकती थी. महाभारत के मुताबिक, लाक्षागृह से बचने के बाद जब पांडव जंगल में रुके थे, तब हिडिंब ने अपनी बहन को उन्हें मारने भेजा. लेकिन भीम को देखकर हिडिंबा मोहित हो गई और सुंदर स्त्री का रूप धारण कर लिया. बाद में भीम और हिडिंब के बीच युद्ध हुआ, जिसमें हिडिंब मारा गया और भीम ने हिडिंबा से विवाह कर लिया. हिडिंबा के पास एक और अद्भुत शक्ति थी, वह गर्भ धारण करते ही तुरंत संतान को जन्म दे सकती थी. इसी से घटोत्कच का जन्म हुआ था.

गांधार देश के राजा सुबल की पुत्री होने के कारण उनका नाम गांधारी पड़ा था. वह भगवान शिव की महान भक्त थीं और उन्हें 100 पुत्रों का वरदान मिला था. उनकी आंखों में अद्भुत शक्ति थी. उन्होंने अपने तप और शक्ति से दुर्योधन के शरीर को वज्र समान मजबूत बना दिया था. हालांकि, श्रीकृष्ण की रणनीति के कारण उसकी जांघ कमजोर रह गई. महाभारत युद्ध के बाद गांधारी ने पांडवों को क्षमा कर दिया, लेकिन श्रीकृष्ण को पूरे वंश के नाश का श्राप दिया था. इससे उनकी शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

कुंती एक तपस्वी और अत्यंत बुद्धिमान स्त्री थीं. उन्हें ऋषि दुर्वासा से एक चमत्कारी मंत्र प्राप्त हुआ था, जिससे वह किसी भी देवता का आह्वान कर सकती थीं. इसी मंत्र के प्रभाव से कर्ण का जन्म हुआ. बाद में उन्होंने यह मंत्र माद्री को भी दिया था. पति की मृत्यु के बाद कुंती ने अपने पुत्रों का पालन-पोषण किया और उन्हें योग्य शिक्षा दिलाई. उन्होंने पांडवों को उनका अधिकार दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी राजनीतिक समझ और धैर्य उन्हें विशेष बनाता है.

उलूपी नागराज वासुकी की दत्तक पुत्री थीं और उन्हें नागकन्या व जलपरी दोनों रूपों में जाना जाता है. अर्जुन जब अपने अभियान पर थे, तब उनकी मुलाकात उलूपी से हुई. उलूपी अर्जुन को पाताल लोक ले गई और उनसे विवाह किया. उसने अर्जुन को जल में अजेय होने का वरदान दिया था.

भानुमती कंबोज के राजा की पुत्री थीं. वह बेहद सुंदर, बलशाली और बुद्धिमान थीं. उनके स्वयंवर में कई राजा आए थे, लेकिन दुर्योधन ने उनसे बलपूर्वक विवाह किया था. कहा जाता है कि भानुमती कुश्ती में निपुण थीं और कई बार दुर्योधन को भी हरा देती थीं. उनकी ताकत और बुद्धिमत्ता उन्हें खास बनाती है.

सत्यवती, राजा शांतनु की पत्नी थीं. उनका जन्म मछली के गर्भ से हुआ था, इसलिए उन्हें मत्स्यगंधा कहा जाता था. ऋषि पराशर ने उन्हें वरदान दिया, जिससे उनके शरीर से सुगंध आने लगी और उनका नाम सत्यवती पड़ा था. सत्यवती राजनीति और कूटनीति में निपुण थीं. उनके कारण ही भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया, जो आगे चलकर महाभारत युद्ध की नींव बना.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे