जुलाई के अंत में होंगे शनि वक्री, ये 4 राशियां होंगी मालामाल!

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जुलाई के अंत में होंगे शनि वक्री, ये 4 राशियां होंगी मालामाल!

06 जुलाई 2026 को 10:02 am बजे
जुलाई के अंत में होंगे शनि वक्री, ये 4 राशियां होंगी मालामाल!

Shani Vakri 2026: ज्योतिष शास्त्र में सबसे धीमी चाल चलने वाले और न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. साल 2026 में शनि देव की चाल में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है. शनि देव मीन राशि में ही उल्टी चाल यानी वक्री (Saturn Retrograde) होने जा रहे हैं, जिसकी तारीख 27 जुलाई है.

आमतौर पर शनि की वक्री चाल को कष्टकारी माना जाता है. लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मीन राशि में शनि का वक्री होना सभी राशियों के लिए बुरा नहीं रहेगा. इस दौरान बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोग से कुछ भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिन्हें करियर, व्यापार और धन के मामले में बंपर सफलता मिलने वाली है. आइए जानते हैं शनि की यह उल्टी चाल किन राशियों का भाग्य बदलने जा रही है.

शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित होगी. आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को इस अवधि में प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.

मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है. यदि आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है. पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है. इस दौरान आपको पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है. पारिवारिक विवाद सुलझेंगे.

वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी. जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे. जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.

चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी. इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे. आपकी कम्यूनिकेशन स्किल मजबूत होगी, जिससे आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे.

शनि की वक्री अवधि के दौरान शुभ फलों को बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए हर शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें.

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