जहां दफनाए जाने वाले हैं खामेनेई उस रास्ते के दो ब्रिज अमेरिका ने उड़ाए

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जहां दफनाए जाने वाले हैं खामेनेई उस रास्ते के दो ब्रिज अमेरिका ने उड़ाए

09 जुलाई 2026 को 09:39 am बजे
जहां दफनाए जाने वाले हैं खामेनेई उस रास्ते के दो ब्रिज अमेरिका ने उड़ाए

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा घटना में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने मशहद जाने वाले दो रेलवे ब्रिज को निशाना बनाया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं और उनका पार्थिव शरीर मशहद पहुंचने वाला है.

आईआरजीसी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों पर हमलों के साथ-साथ देश के पूर्वी हिस्से में स्थित उन दो पुलों को भी निशाना बनाया, जो पवित्र शहर मशहद तक पहुंचने के प्रमुख मार्ग हैं. संगठन का कहना है कि इस हमले का मकसद खामेनेई की अंतिम विदाई के कार्यक्रम को प्रभावित करना था.

यह भी पढ़ें: ईरान का पलटवार, कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन से हमला; खाड़ी में हाई अलर्ट

आईआरजीसी ने अमेरिका को "विश्वासघाती" बताते हुए कहा कि इस तरह के हमले ईरानी जनता को और मजबूत करेंगे. संगठन ने चेतावनी दी कि अमेरिकी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और "इस्लाम के लड़ाके अमेरिकी आक्रामकता को बिना जवाब नहीं छोड़ेंगे."

ईरानी मीडिया के मुताबिक, गोलिस्तान प्रांत में स्थित आक तेकेह खान रेलवे ब्रिज (Aq Tekeh Khan Bridge) पर तड़के हमला हुआ. सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि पुल पर एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची.आईआरजीसी की क्षेत्रीय इकाई नयनावा कॉर्प्स ने दावा किया कि इस पुल पर अमेरिकी क्रूज मिसाइल से हमला किया गया. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. आईआरजीसी ने बताया कि हमले के बाद दो धमाके की आवाज सुनाई दी थी.

अमेरिकी मीडिया ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि उत्तरी और उत्तर-पूर्वी ईरान में दो रेलवे पुलों पर हमले किए गए हैं. वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान की सैन्य क्षमताओं और होर्मुज स्ट्रेट में खतरा पैदा करने वाली क्षमताओं को कमजोर करने के लिए अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई की है.

इन हमलों के बाद आईआरजीसी ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया. संगठन के मुताबिक, अरिफजान कैंप, अली अल सलेम एयर बेस, जुफैर और शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया गया. इसे अमेरिका के खिलाफ "पहला दंडात्मक चरण" बताया गया है.

यह भी पढ़ें: US-Iran War Live: खामेनेई का जनाजा पहुंचने से पहले मशहद के दो ब्रिज को अमेरिका ने उड़ाया, IRGC का दावा

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मशहद की सड़कों पर लाखों लोग जुटे हैं. हालात ऐसे हैं कि दरगाह के आसपास वाहनों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई है. बताया गया है कि इराक के शहरों में अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई का ताबूत मशहद पहुंच चुका है और पूरे दिन शोक कार्यक्रम जारी रहेंगे. सुरक्षा कारणों और सरकारी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए मशहद एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है.

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