झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया पहला मेडल, जीता ब्रॉन्ज
झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया पहला मेडल, जीता ब्रॉन्ज

भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना खाता खोल लिया है. पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने ग्लासगो में पुरुषों की हेवीवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता. नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस के अपने आखिरी प्रयास में 212 किलो का वजन उठाने में नाकाम रहने के बाद झंडू कुमार का मेडल पक्का हो गया, जो भारत का पहला मेडल है.
भारत को 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना खाता खोलने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. बिहार के 29 साल के झंडू कुमार, जो पहले ई-रिक्शा चलाते थे और जिनके पिता सड़क किनारे सब्जी बेचते हैं, उन्होंने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता.
#WATCH | Scotland | Glasgow 2026 Commonwealth Games | On winning bronze in the men's heavyweight category, Indian para powerlifter Jhandu Kumar says, "I feel great today. I feel like I am flying. This is my first medal. I had only one thing on my mind, that I have to win a… pic.twitter.com/jfFzSFJNk3
यह भारत का पहला मेडल है. दिन की शुरुआत में पुरुषों के लाइटवेट इवेंट में चौथे स्थान पर रहने की निराशा के बाद, झंडू कुमार ने वर्ल्ड-क्लास लिफ्टर्स से भरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करके निराशा को जश्न में बदल दिया.
29 साल के झंडू कुमार ने पूरे दबदबे के साथ अपने अभियान की शुरुआत की. उन्होंने अपने दूसरे अटेंप्ट में 190 किलो की सफल लिफ्ट की. हालांकि, यह उनके पर्सनल बेस्ट से 8 किलो कम था.
झंडू कुमार ने अपने आखिरी अटेंप्ट में 196 किलो का भारी-भरकम वजन उठाकर बड़ी कामयाबी हासिल करनी चाही, लेकिन वह मामूली अंतर से चूक गए. इसके बावजूद, उनके 190 किलो के एफर्ट ने उन्हें पहले ही एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया था.
बता दें, नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 208 किलो की अपनी बेस्ट लिफ्ट के साथ 132.8 पॉइंट्स जुटाए और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 199 किलो की लिफ्ट के साथ 131.0 पॉइंट्स हासिल कर सिल्वर जीता, जो भारतीय खिलाड़ी से बस मामूली अंतर से आगे था. वहीं, झंडू कुमार तीसरे नंबर पर डटे रहे और उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. झंडू कुमार ने 130.9 पॉइंट हासिल किए.
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