नेपाल हिंसा के बाद मदरसा की जांच का आदेश, सरकार और परिवार में करार

राजनीति

नेपाल हिंसा के बाद मदरसा की जांच का आदेश, सरकार और परिवार में करार

31 जुलाई 2026 को 09:57 am बजे
नेपाल हिंसा के बाद मदरसा की जांच का आदेश, सरकार और परिवार में करार

नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज में पुलिस फायरिंग के दौरान मारे गए दो युवकों के मामले में नेपाल सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच सात सूत्रीय समझौता हो गया है. गुरुवार देर रात गृह मंत्री सुदन गुरुङ की मौजूदगी में ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता के परिजनों के साथ यह समझौता हुआ.

देवानगंज गांवपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, समझौते पर गृह मंत्री सुदन गुरुङ, ओमप्रकाश मेहता के पिता कृष्णदेव मेहता और जयप्रकाश मेहता के पिता नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए. इसके बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 2 बजे करने का फैसला लिया गया.

यह भी पढ़ें: कैसे सुलग उठा नेपाल, कौन लोग हैं हिंसा के पीछे... जानिए अब कैसे हैं हालात

समझौते के तहत नेपाल सरकार दोनों मृतकों को आधिकारिक रूप से 'शहीद' घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करेगी. साथ ही दोनों परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार ने घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भी भरोसा दिया है.

मदरसे की जांच, मृतक के परिवार को नौकरी देने की पेशकश

समझौते का एक अहम बिंदु देवानगंज स्थित मदरसे की जांच भी है. सरकार ने मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच शुरू करने और वहां मौजूद किसी भी दोषी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई है.

यह भी पढ़ें: मुहर्रम, मजहबी झंडा और कांवड़ यात्रा... नेपाल के छह शहरों तक ऐसे फैली सांप्रदायिक हिंसा की आग

इसके अलावा, दोनों शोकाकुल परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर सहमति बनी है. जांच समिति की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को भी कानून के अनुसार जल्द लागू करने का आश्वासन दिया गया है.

समझौते में यह भी तय हुआ कि स्थानीय सरकार के सहयोग से घटना स्थल के आसपास मृतकों की स्मृति में एक स्मारक पार्क बनाया जाएगा. माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद मिलेगी.

नेपाल में सांप्रदायिक तनाव और धनुषा जिले में कर्फ्यू लागू होने के बाद नेपाल और भारत के बीच चलने वाली एकमात्र रेल सेवा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. नेपाल रेलवे कंपनी लिमिटेड ने शुक्रवार को जारी सूचना में बताया कि जयनगर-जनकपुर-भंगहा रेलखंड पर ट्रेन सेवा कर्फ्यू हटने तक बंद रहेगी.

नेपाल रेलवे ने बताया कि यह फैसला जिला प्रशासन कार्यालय धनुषा के निर्देश और प्रमुख जिला अधिकारी की ओर से जारी कर्फ्यू आदेश के बाद लिया गया है. कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बिहार के जयनगर से नेपाल के जनकपुर तक चलने वाली सभी रेल सेवाएं अगले आदेश तक बंद रहेंगी.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे