'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो मीटिंग का मतलब नहीं...', सरकार संग बैठक से पहले CJP की दो टूक
'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो मीटिंग का मतलब नहीं...', सरकार संग बैठक से पहले CJP की दो टूक

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के बीच सरकार और संगठन में बातचीत के बाद भी गतिरोध बना हुआ है. CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने साफ कहा है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ आगे की बैठकों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.
आशुतोष रांका ने कहा कि शुक्रवार को हुई बैठक में मुआवजे और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सरकार की तरफ से सकारात्मक जवाब मिला था. इन दोनों मुद्दों पर सिद्धांत रूप से सहमति बनी थी और उन्हें उम्मीद है कि इन पर सरकार की तरफ से लिखित जवाब भी मिलेगा. लेकिन संगठन की सबसे अहम मांग, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है.
यह भी पढ़ें: CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर पर डटे छात्र, सुरक्षा टाइट, सरकार संग आज फिर CJP की मीटिंग... संसद मार्च पार्ट-2 की प्लानिंग
आशुतोष रांका ने कहा, "अगर सरकार पहले से तय कर चुकी है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तो हमें साफ बता दे. फिर इस तरह की बैठकों का कोई औचित्य नहीं है. उसके बाद हम अपनी आगे की रणनीति पर काम करेंगे. अगर सरकार इसी रुख पर कायम रही तो हमें भी कड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा."
NTA अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने पर क्या बोले आशुतोष रांका?
रांका ने सरकार द्वारा NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस फैसले की पूरी जानकारी देखने के बाद ही टिप्पणी की जाएगी, लेकिन इससे आंदोलन की मुख्य मांग नहीं बदलती. उनके मुताबिक, परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के बाद छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों की अंतिम जवाबदेही देश के शिक्षा मंत्री की है, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना ही होगा.
यह भी पढ़ें: दिल्ली में वीकेंड पर रात 8 बजे ही बंद होंगी शराब की दुकानें, CJP आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला
सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि CJP प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी मांगों का विस्तृत चार्टर भी सौंप दिया है, जिसमें एग्जाम सिस्टम में सुधार से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल हैं. संगठन का कहना है कि सरकार अगर इन सुधारों पर गंभीरता से काम करती है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से कोई समझौता नहीं होगा. इस बीच जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना लगातार जारी है. छात्र डटे हुए हैं और संगठन ने संकेत दिए हैं कि सरकार के अगले रुख के आधार पर आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें