Himachal Rain: चंबा में मूसलाधार बारिश का तांडव, 12 से अधिक वाहन दबे, कई घरों में मलबा; लोगों ने खाली किए घर

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Himachal Rain: चंबा में मूसलाधार बारिश का तांडव, 12 से अधिक वाहन दबे, कई घरों में मलबा; लोगों ने खाली किए घर

28 जुलाई 2026 को 07:50 am बजे
Himachal Rain: चंबा में मूसलाधार बारिश का तांडव, 12 से अधिक वाहन दबे, कई घरों में मलबा; लोगों ने खाली किए घर

Himachal Rain: चंबा में मूसलाधार बारिश का तांडव, 12 से अधिक वाहन दबे, कई घरों में मलबा; लोगों ने खाली किए घर

अमर उजाला नेटवर्क, चंबा Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 28 Jul 2026 07:50 AM IST
सार

हिमाचल के चंबा में भारी बारिश ने तांडव मचाया है। कई इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है। बारिश की वजह से कई नाले उफान पर आ गए। इससे कई इलाकों में मलबा घुस गया। साथ ही वाहन भी दब गए। 

Himachal Rain - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार रात मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा के बावजूद, राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, जिले के कई इलाकों में आवासीय घरों, व्यावसायिक दुकानों और निजी वाहनों को भारी क्षति पहुंची है।


जिले के उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही। इन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में आ गया। मलबे की चपेट में आकर करीब 12 वाहन दब गए। 


इन दबे हुए वाहनों में निजी कारें, मालवाहक ट्रक, दोपहिया बाइक और स्कूटियां शामिल थीं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तडोली नाला भी बारिश के कारण उफान पर आ गया। नाले का बहाव इतना तेज था कि वह अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का मलबा बहाकर लाया।


संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान
तडोली नाले के तेज बहाव में आया मलबा और पत्थर एक स्टोर में घुस गए। इससे वह स्टोर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अतिरिक्त, आसपास के कई घरों में भी मलबा घुस गया, जिससे निवासियों को काफी परेशानी हुई। सुल्तानपुर नाले ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।

इस नाले के तेज बहाव में भी कई बाइक और स्कूटियां बहकर क्षतिग्रस्त हो गईं। भरियाड गांव में पानी का रुख अचानक बदल गया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। मलबा सीधे कई घरों तक पहुंच गया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

जनजीवन पर गहरा असर
बारिश और नाले के उफान से उत्पन्न खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए। इन प्रभावित परिवारों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रातों-रात पड़ोसियों के घरों में शरण ली। यह विस्थापन अचानक आई आपदा के कारण हुआ।

घरों में मलबा घुसने से लोगों की दैनिक दिनचर्या बाधित हुई। संपत्ति के नुकसान से आर्थिक चुनौतियां भी पैदा हुई हैं। स्थानीय निवासियों को अब अपने घरों की मरम्मत और सफाई का सामना करना पड़ेगा।