LIVE: एंटी पेपर लीक बिल का निर्णायक दिन, आज होगी बहस और वोटिंग
LIVE: एंटी पेपर लीक बिल का निर्णायक दिन, आज होगी बहस और वोटिंग

संसद का मॉनसून सत्र जारी है. बीते लगभग डेढ़ महीने से जारी नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के मुद्दों को समझते हुए सरकार बीते सोमवार को इससे जुड़ा जरूरी बिल लेकर आई. हालांकि सोमवार को संसद की कार्यवाही बहुत हंगामों से भरी रही. सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश तो हो गया, लेकिन इस पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी. लोकसभा की कार्यवाही ये बिल पेश किए जाने के बाद पहले 2 बजे, फिर 5 बजे और अंत में दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी. हालांकि, सूत्रों का दावा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध टूट गया है. सूत्रों का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष को चर्चा के लिए सहमत कर लिया है और लोकसभा में 28 जुलाई यानी आज एंटी पेपर लीक बिल पर दोपहर 12 बजे से चर्चा की शुरुआत हो सकती है.
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सुबह 11.22 बजे- कांग्रेस सांसदों की भी लिस्ट सामने आई. इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शशि थरूर, गौरव गोगोई, केसी वेणुगोपाल शामिल हैं.
सुबह 9.40 बजे- NCPI के सांसद भी NDA के मंगल मिलन में शामिल हैं.
सुबह 9.35 बजे- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह भी पहुंचे.
सुबह 9.30 बजे- पीएम मोदी NDA की संसदीय दल की बैठक के लिए पहुंच गए हैं.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में पेश किया. विधेयक पेश होने के बाद सरकार इसे विचार करने और पारित कराने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन कल इस पर चर्चा नहीं हो सकी.
यह संशोधन पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम, 2024 में बदलाव से संबंधित है. यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया था. बता दें कि जंतर-मंतर समेत छात्रों के देशव्यापी आंदोलन के बाद सरकार ने इस मामले में कड़ाई से फैसला लेने का विचार किया है. परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार अब सजग है और लगातार सुधारों का ऐलान कर रही है.बिल पर चर्चा के लिए लिस्ट में युवा सांसदों के नाम
इस अहम बिल पर सरकार की ओर से लगभग 8 से 10 घंटे चर्चा होने की संभावना है. एनडीए ने इस बहस में अपने युवा सांसदों को प्रमुखता से आगे करने की रणनीति बनाई है और सरकार की ओर से अधिकांश वक्ता युवा सांसद होंगे.
भाजपा की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या चर्चा में हिस्सा लेंगे. वहीं सहयोगी दलों की ओर से सायोनी घोष, मिताली बाग, लावु श्री कृष्ण देवरायलु, लल्लन सिंह, डॉ. श्रीकांत शिंदे, सुनील तटकरे, अनुप्रिया पटेल और अरुण भारती समेत कई सांसदों के बोलने की संभावना है. इसके अलावा, नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी आज पहली बार प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सवालों का जवाब देंगे. प्रश्नकाल की तैयारी के लिए उन्हें रविवार को मंत्रालय के अधिकारियों ने विस्तृत ब्रीफिंग भी दी.
NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर करीब एक सप्ताह से जारी संसद के गतिरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में मानसून सत्र की पहली बड़ी विधायी बहस होने की उम्मीद है. लोकसभा की कार्यसूची में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित कराने का प्रस्ताव शामिल है. माना जा रहा है कि यदि यह चर्चा होती है तो संसद में पिछले कई दिनों से जारी हंगामे के बाद सामान्य कामकाज की शुरुआत हो सकती है.
संसदीय सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की. उनके प्रयासों के बाद विभिन्न दलों के फ्लोर नेताओं ने मंगलवार को विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर सहमति जताई है.
सोमवार को भी सरकार इस विधेयक पर चर्चा शुरू कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए जोरदार विरोध किया. विपक्ष सरकार से इस मामले पर बयान देने की मांग करता रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सदन की कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी थी और सरकार तथा विपक्ष को मतभेद दूर करने के लिए तीन घंटे का समय दिया था. उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि इस विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे निर्धारित किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है.
सदन में उन्होंने कहा, "लोकसभा नारे लगाने के लिए नहीं, बल्कि विधेयकों पर चर्चा करने के लिए चुनी गई है."
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में यह संशोधन विधेयक पेश किया. यह विधेयक 2024 में बनाए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) कानून को और अधिक सख्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया है.
सरकार का कहना है कि यह कानून संगठित तरीके से होने वाली परीक्षा धांधली और पेपर लीक पर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.
प्रस्तावित संशोधन विधेयक में कई सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या उसमें शामिल लोगों को 10 वर्ष तक की जेल. परीक्षा में संगठित धांधली करने वालों पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना. सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जांच और दंड संबंधी प्रावधानों को और मजबूत करना. परीक्षा प्रक्रिया में शामिल संस्थाओं और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान.
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