ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी! 12 गांवों को फायदा

राष्ट्रीय समाचार

ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी! 12 गांवों को फायदा

22 अगस्त 2026 को 10:16 am बजे
ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी! 12 गांवों को फायदा

लद्दाख में ग्लेशियर से पिघलकर बहने वाला करीब 9 करोड़ लीटर पानी अब खेतों तक पहुंचेगा. लेह के स्टोक गांव के नाले से आने वाले इस पानी को 43 किलोमीटर लंबी इगू-पेह सिंचाई नहर में पहुंचाया गया है. इससे करीब 12 गांवों और 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा. पहले पानी की कमी के कारण यहां की काफी जमीन सूखी रहती थी.

पहले ग्लेशियर का यह पानी इस्तेमाल नहीं हो पाता था. बहकर सिंधु नदी की तरफ चला जाता था. अब छोटी नालियां बनाकर इस पानी को नहर तक पहुंचाया जा रहा है. 14 अगस्त को ये नालियां बनाई गईं. इसके बाद नहर में पानी का बहाव 1415 लीटर प्रति सेकेंड से बढ़कर 2123 लीटर प्रति सेकेंड या उससे ज्यादा हो गया है.

यह भी पढ़ें: श्रीलंका में पानी की किल्लत, 72 हजार लोगों तक टैंकर से सप्लाई, अल-नीनो ने बढ़ाई मुश्किल

नहर में पानी बढ़ने से करीब 12 गांवों के किसानों को फायदा होगा. 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन में अब पहले के मुकाबले आसानी से सिंचाई हो सकेगी. पानी की कमी के कारण जिन खेतों में खेती करना मुश्किल था, वहां भी पानी पहुंच सकेगा.

पहले नहर में पानी कम होने के कारण किसानों को तय समय के हिसाब से पानी मिलता था. उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था. अब नहर में पानी बढ़ने से इस परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें: 7.7, 7.4... अब 6.7, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप?

स्टोक गांव के नाले में ग्लेशियर से पिघलकर पानी आता है. अधिकारियों के मुताबिक, यहां से रोज करीब 9 करोड़ लीटर पानी मिल रहा है. पहले यह पानी सीधे बहकर चला जाता था.

अब इसी पानी को सिंचाई नहर में डाला जा रहा है. इससे खेती के लिए पानी की मात्रा बढ़ गई है. लद्दाख में बारिश कम होती है और मौसम भी काफी ठंडा रहता हैच ऐसे में खेती के लिए पानी का इंतजाम करना बड़ी चुनौती है.

लद्दाख प्रशासन अब इसी तरह दूसरे इलाकों में भी ग्लेशियर के पानी का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस पहल को पानी बचाने और खेती को बढ़ावा देने वाला तरीका बताया है. प्रशासन दूसरे नालों से बहकर जाने वाले पानी को भी सिंचाई के काम में लाने की तैयारी कर रहा है. इससे आगे और जमीन तक पानी पहुंचाया जा सकता है.

लद्दाख में खेती के लिए पानी की कमी एक बड़ी समस्या है. ऐसे में ग्लेशियर से मिलने वाले पानी को सीधे खेतों तक पहुंचाने से किसानों को राहत मिल सकती है. साथ ही, जो पानी पहले बेकार बह जाता था, उसका इस्तेमाल खेती के लिए किया जा सकेगा.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे