नेपाल की बाढ़ में 163 मौतें, 750 से अधिक लोग लापता, UP-बिहार तक अलर्ट
नेपाल की बाढ़ में 163 मौतें, 750 से अधिक लोग लापता, UP-बिहार तक अलर्ट

Nepal Flood Death Toll: नेपाल में अब तक 163 शव बरामद, चितवन में सबसे ज्यादा 64
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नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से भारी तबाही देखने को मिली है. नेपाल में आए इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड में करीब 163 लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों का परिवहन और संपर्क ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क बाधित हो गया है.
इस घटना में 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और कई वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गए. नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है. नेपाल में कई लोग अब भी लापता हैं. इनमें 139 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.
इस बीच, नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्रशासन अलर्ट पर है. गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है.
गृह मंत्रालय समेत कई केंद्रीय मंत्रालय लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बिहार के 6 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
वहीं, पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं.
नेपाल में अब तक कुल 163 शव बरामद किए जा चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा चितवन से 64 शव मिले हैं.
* चितवन: 64 * धादिंग: 27 * नवलपरासी पूर्व: 26 * गोरखा: 20 * नुवाकोट: 12 * तनहु: 9 * रसुवा: 3 * नवलपरासी पश्चिम: 2
नेपाल में बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. सड़कों पर कीचड़ और मलबा जमा है, घर ध्वस्त या पानी में आधे डूबे नजर आ रहे हैं और कई गाड़ियां फंसी हुई हैं. हवाई दृश्यों में आपदा का व्यापक असर दिखाई दे रहा है. इस बीच रेस्क्यू टीमें, सेना और स्थानीय लोग लगातार बचाव अभियान में जुटे हैं. जेसीबी, रस्सियों और कंधों के सहारे बुजुर्गों और फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. बच्चे और आम लोग भी तबाही के बीच डरे हुए नजर आ रहे हैं. राहत और पुनर्वास अब प्राथमिकता है. तस्वीरों में देखें बाढ़ के बाद कैसा है नेपाल में मंजर. कीचड़ में लिपटी इमारतें, लापता लोग और मौत का मंजर... नेपाल में तबाही की बाद की देखें Photos
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालु भी हैं. सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पर्यटकों पर पड़ा है, जहां क्रमशः 37 और 32 लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - तमिलनाडु के 37 तो बंगाल के 32... देखें नेपाल जलप्रलय में किस राज्य के कितने भारतीय लापता
US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, नेपाल में यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए एक जबरदस्त भूस्खलन के बाद आई, जिससे 5.2 तीव्रता वाले भूकंप के बराबर सीस्मिस सिग्नल पैदा हुए. माना जा रहा है कि इस भूस्खलन में ग्लेशियर का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान, कीचड़ और पानी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे खोला' में बह गया.
नेपाल में आई भयानक बाढ़ से किसी तरह जान बचाने वाले एक शख्स ने बताया कि मेरी पत्नी मलबे में दब गई थीं, जबकि हम जान बचाने के लिए छत पर थे. करीब 4 से 5 घंटे बाद मुझे हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू किया गया.
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि भारत की HADR और मेडिकल सहायता काठमांडू पहुंच गई है. राहत कार्यों में मदद के लिए और सहायता जुटाई जा रही है.
India’s HADR and medical assistance has reached Kathmandu. More assistance is being mobilised to support relief efforts. 🇮🇳🇳🇵 pic.twitter.com/dN7XZ5jJUs
बिहार में तिब्बत और नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी (DM) तरनजोत सिंह ने कहा, 'तिब्बत और नेपाल में बाढ़ के कारण वाल्मीकिनगर बैराज और अन्य जगहों पर प्रशासनिक कर्मचारी अलर्ट पर हैं. हमने अलग-अलग तटबंधों और वाल्मीकिनगर बैराज का निरीक्षण किया है. पानी नेपाल में देवघाट से आगे बढ़ चुका है. पानी के सुबह 9 बजे के आसपास बैराज तक पहुंचने की उम्मीद है. उम्मीद है कि जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहेगा और स्थिति सामान्य बनी रहेगी. हमने नदी के किनारे रहने वाले सभी इलाकों के लोगों को अलर्ट कर दिया है.'
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