दिल्ली वालों को जाम से राहत, जल्द शुरू होगा बारापुला फेज-3 कॉरिडोर

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दिल्ली वालों को जाम से राहत, जल्द शुरू होगा बारापुला फेज-3 कॉरिडोर

04 अगस्त 2026 को 10:28 am बजे
दिल्ली वालों को जाम से राहत, जल्द शुरू होगा बारापुला फेज-3 कॉरिडोर

दिल्ली और एनसीआर के लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है. करीब एक दशक से इंतजार किया जा रहा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब पूरी तरह तैयार हो गया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उद्घाटन की तारीख तय करने का अनुरोध किया है. उम्मीद है कि अगस्त महीने में इस कॉरिडोर को जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

इस एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होते ही पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आसान हो जाएगा. मयूर विहार फेज-1 से एम्स, आईएनए, साउथ एक्स और सरोजिनी नगर तक गाड़ियां बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधे पहुंच सकेंगे, जहां अभी इस सफर में 50 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग जाता है, वहीं कॉरिडोर खुलने के बाद यह दूरी महज 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी.

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, दल्लूपुरा, वेस्ट विनोद नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को मिलेगा. वहीं दक्षिणी दिल्ली के एम्स, आईएनए, साउथ एक्स, सरोजिनी नगर और रिंग रोड से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा, इसके अलावा एनएच-24, डीएनडी फ्लाईवे, सराय काले खां और रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है.

बारापुला फेज-3 लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो पहले से बने बारापुला कॉरिडोर को पूर्वी दिल्ली तक जोड़ता है. यह दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है क्योंकि इससे राजधानी के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी.

इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2014 में मंजूरी मिलने के बाद 2015 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था और इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में हुई देरी, ठेकेदारों से जुड़े विवादों, निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी और कोविड महामारी के चलते काम बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे यह परियोजना लगातार टलती रही और इसकी लागत में भी भारी बढ़ोतरी हो गई,

जब इस परियोजना को मंजूरी मिली थी तब इसकी अनुमानित लागत लगभग 964 करोड़ रुपये थी, लगातार देरी और निर्माण लागत बढ़ने के कारण अब इसकी कुल लागत बढ़कर लगभग 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

दिल्ली सरकार ने परियोजना में हुई देरी और कथित अनियमितताओं की जांच एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) से कराने के निर्देश दिए थे, इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई.

कॉरिडोर पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगा, जिससे वाहन बिना रुके लगातार चल सकेंगे. इससे ईंधन की बचत होगी, यात्रा का समय कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है. साथ ही आश्रम से एम्स और सराय काले खां के आसपास रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम में भी राहत मिलेगी.

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