ट्रेन के AC वेंट में क्या भर गए यात्री? VIDEO में दिखा नजारा
ट्रेन के AC वेंट में क्या भर गए यात्री? VIDEO में दिखा नजारा

भारतीय ट्रेनों में सफर के दौरान आपने भी कई ऐसे नजारे देखे होंगे, जिन्हें देखकर यही लगता है कि कुछ यात्रियों में सिविक सेंस की कमी है. सीट पर कचरा फेंकना, सामान जरूरत से ज्यादा फैलाना या दूसरे की रिजर्व सीट पर बैठ जाना... ये ऐसी चीजें हैं, जिनसे रेलवे यात्री अक्सर परेशान रहते हैं.
दूसरी तरफ यात्रियों की शिकायत भी रहती है कि रेलवे उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं दे रहा. खासकर AC को लेकर कई बार यात्री शिकायत करते हैं कि कोच में पर्याप्त ठंडक या हवा नहीं मिल रही.
लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने इस पूरे मुद्दे का दूसरा पहलू दिखाया है. एक शख्स ने ट्रेन के AC वेंट का ग्रिल खोला तो उसके अंदर चिप्स के रैपर, चाय के कप, प्लास्टिक के पैकेट और दूसरे कचरे का ढेर मिला. वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने यात्रियों की जिम्मेदारी और सिविक सेंस पर सवाल उठाए हैं.
यह भी पढ़ें: चलती कार पर पहाड़ से गिरी चट्टान, बाइक सवार महज कुछ इंच से बचा, Video वायरल
वीडियो को एक्स यूजर सुभोजित दास ने शेयर किया है. इसमें एक शख्स स्क्रूड्राइवर की मदद से ट्रेन के AC वेंट का ग्रिल खोलता दिखाई देता है.ग्रिल खुलते ही अंदर का नजारा हैरान करने वाला था. संकरी जगह में चिप्स के रैपर, इस्तेमाल किए हुए चाय के कप, प्लास्टिक के पैकेट और दूसरे कचरे का ढेर जमा था.यानी जिस जगह से कोच में हवा का सर्कुलेशन होना चाहिए था, वहां कचरा भरा हुआ था.
वीडियो में शख्स कपड़े की मदद से वेंट की सफाई करता है. वह अंदर फंसे कचरे को एक-एक करके बाहर निकालता है.वीडियो शेयर करने वाले सुभोजित दास ने दावा किया कि कुछ यात्री डस्टबिन का इस्तेमाल करने के बजाय ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों में कचरा डाल देते हैं. इसके बाद जब ट्रेन की कोई सुविधा ठीक से काम नहीं करती, तो शिकायत भी की जाती है.
हालांकि, यह दावा उस वीडियो को शेयर करने वाले व्यक्ति का है. वायरल वीडियो से यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती कि अंदर का पूरा कचरा यात्रियों ने ही फेंका था या यह कितने समय से वहां जमा था.
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने ट्रेनों में गंदगी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने यात्रियों को सीट के नीचे और दूसरी जगहों पर कचरा छिपाते हुए देखा है.वहीं, कुछ यूजर्स ने ट्रेनों में छोटे और आसानी से पहुंच वाले डस्टबिन लगाने की मांग की. उनका कहना था कि अगर यात्रियों को कचरा फेंकने के लिए सुविधाजनक जगह मिले, तो ऐसी समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है.एक यूजर ने सुझाव दिया कि AC वेंट जैसी जगहों का इस्तेमाल कूड़ेदान के तौर पर रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ाई जानी चाहिए.
कुछ लोगों ने ट्रेनों में CCTV की निगरानी बढ़ाने की बात कही. उनका तर्क था कि अगर यात्रियों को पता होगा कि कचरा फेंकने पर उनकी पहचान हो सकती है, तो वे ऐसा करने से बचेंगे.वहीं, कमेंट सेक्शन में एक अलग बहस भी शुरू हो गई. सवाल उठा कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ रेलवे की है या यात्रियों की भी.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें