वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू पर किया निराश, इस अनजान गेंदबाज ने फंसाया
वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू पर किया निराश, इस अनजान गेंदबाज ने फंसाया

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का डेब्यू उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में वैभव ईस्ट जोन की ओर से पहली पारी में महज 8 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने लगातार दो चौके लगाकर इंटेंट दिखाया था, लेकिन इस आक्रामक अंदाज को ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रख सके.
बेंगलुरु स्थित BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-2 पर खेले जा रहे मुकाबले में नॉर्थ ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर ईस्ट जोन को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था. नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और ईस्ट जोन ने शुरुआत में ही विकेट गंवा दिया.
Exciting early battle 🔥 4️⃣,4️⃣,🇼 Bishworjit Konthoujam wins the contest against Vaibhav Sooryavanshi 👌#DuleepTrophy Scorecard ▶️ https://t.co/XJFhfvvTIU pic.twitter.com/4xGnLaAhpx
वैभव सूर्यवंशी ने अपने दलीप ट्रॉफी करियर की शुरुआत बिल्कुल उसी अंदाज में की, जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं. पारी के दूसरे ओवर में बिश्वोरजीत कोंथौजम की तीसरी गेंद को कवर रीजन से उन्होंने बाउंड्री के पार पहुंचाया. अगली गेंद पर भी उन्होंने कवर ड्राइव लगाकर चौका बटोरा. हालांकि गेंदबाज ने जल्द ही उनकी आक्रामकता का जवाब ढूंढ लिया.
आखिरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक और बार कवर ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन इस बार टाइमिंग सही नहीं रही. गेंद बल्ले का किनारा लेकर गली में पहुंची, जोसेफ लालथनखुमा ने कैच लपक लिया. इस तरह वैभव की पहली दलीप ट्रॉफी पारी 6 गेंदों में 8 रनों पर समाप्त हुई. बिश्वोरजीत कोंथौजम ने लगातार दो चौके खाने के बावजूद अपना संयम बनाए रखा और ओवर की आखिरी गेंद पर युवा बल्लेबाज को पवेलियन भेजकर हिसाब बराबर कर लिया.
कौन हैं बिश्वोरजीत कोंथौजम? दाएं हाथ के तेज गेंदबाज बिश्वोरजीत कोंथौजम मणिपुर की राजधानी इम्फाल से ताल्लुक रखते हैं. 30 साल के बिश्वोरजीत का ये 48वां फर्स्ट क्लास मुकाबला है. उन्होंने इससे पहले 47 फर्स्ट क्लास मैचों में 27.82 की औसत से 145 विकेट झटके थे. बिश्वोरजीत ने 49 लिस्ट-ए मैचों में 66 और 46 टी20 मैचों में 46 विकेट भी झटके हैं.
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी उनके सामने अलग चुनौती लेकर आई है. रेड-बॉल क्रिकेट में नई गेंद, लंबी पारी खेलने की जरूरत और घरेलू क्रिकेट के अनुभवी गेंदबाज उनके धैर्य और तकनीक की परीक्षा ले रहे हैं. डेब्यू पारी छोटी जरूर रही, लेकिन यह टूर्नामेंट वैभव के लिए अपने खेल का दूसरा पहलू दिखाने का बड़ा मंच है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें