धार में चलती बस बनी आग का गोला: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे यात्री, सामान जलकर खाक; देखें तस्वीरें

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धार में चलती बस बनी आग का गोला: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे यात्री, सामान जलकर खाक; देखें तस्वीरें

25 अगस्त 2026 को 09:16 am बजे
धार में चलती बस बनी आग का गोला: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे यात्री, सामान जलकर खाक; देखें तस्वीरें

धार में चलती बस बनी आग का गोला: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे यात्री, सामान जलकर खाक; देखें तस्वीरें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Tue, 25 Aug 2026 09:16 AM IST
सार

MP News: धार जिले के सरदारपुर में मंगलवार देर रात सूरत से कानपुर जा रही यात्री बस में भीषण आग लग गई। धुआं भरने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर...

धू-धू कर जली बस - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही एक यात्री बस में मंगलवार देर रात करीब 1:10 बजे अचानक भीषण आग लग गई। हादसा धार जिले के सरदारपुर नगर स्थित भोपावर चौकी के पास हुआ। बस में धुआं उठता देख चालक वाहन को रास्ते में ही छोड़कर मौके से फरार हो गया।


धुआं भरते ही बस के अंदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्री मुख्य दरवाजे से बाहर भागे, तो कई यात्रियों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, वहीं ज्यादातर यात्रियों का कीमती सामान, नकदी और कपड़े जलकर खाक हो गए।




पुलिस ने संभाला मोर्चा, डायवर्ट किया ट्रैफिक
सूचना मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग का एक हिस्सा बंद कराकर यातायात को दूसरी ओर से निकाला। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस (क्रमांक UP 83 BT 3947) पूरी तरह जल चुकी थी।




दाहोद में 4 घंटे कराया गया था बस का काम
यात्रियों ने बताया कि सूरत और गुजरात के अन्य शहरों से रवाना हुई इस बस को दाहोद के पास एक होटल पर करीब चार घंटे रोककर कुछ तकनीकी मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद ही बस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया था।

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मां ने खिड़की से फेंका आठ साल का मासूम
कानपुर निवासी यात्री नीलम पाल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ गांव जा रही थीं। धुआं भरते ही उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पहले अपने मासूम बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद बाहर कूदकर जान बचाई। हालांकि, बैग में रखे रुपये, चांदी की पायजेब और कपड़े जल गए।



यात्रियों को दूसरी बसों से किया रवाना
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाया। प्रभावित यात्रियों को उनकी आवश्यकता और गंतव्य के अनुसार दूसरी बसों में बैठाकर आगे रवाना करने की व्यवस्था की गई।