'भाग सको तो भाग लो...', लारक-खार्ग पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की चेतावनी
'भाग सको तो भाग लो...', लारक-खार्ग पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की चेतावनी

ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को सीधे चेतावनी दी है. लारक द्वीप के पास अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "एक बार फिर हमारी ताकत को परखो और भारी कीमत चुकाओ. बदला आ रहा है, भाग सको तो भाग लो." अजीजी के बयान से साफ है कि तेहरान अमेरिकी हमले का जवाब देने की तैयारी में है.
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने खाड़ी में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है. जॉर्डन और कतर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए जाने की खबर है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेनाओं ने जॉर्डन की तरफ आ रहे ईरानी जवाबी मिसाइल हमले को इंटरसेप्ट किया. अधिकारी के मुताबिक, ईरान ने मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की थीं.
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Footage shows the moment IRGC launched ballistic missiles at the technical and maintenance infrastructure and fighter-jet positions at two US air bases in Jordan—King Hussein and Al-Azraq. Follow: https://t.co/oa9JV4ikYQ pic.twitter.com/WuH2oZnLyP
अमेरिका ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट पर मौजूद ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया था. यह कई हफ्तों के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई थी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की सेनाएं होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस डालने के लिए रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी कर रही थीं.
Footage reportedly shows missiles being fired from Iran at enemy positions. Press TV cannot independently verify the authenticity of the video. Follow https://t.co/boCY50qfi9 pic.twitter.com/aXypLSWhXj
अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर मौजूद ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया. अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने पिछले हफ्ते ही होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री माइंस हटाने का काम पूरा किया था. ऐसे में अमेरिका के मुताबिक, ईरानी सेनाओं की दोबारा माइंस बिछाने की तैयारी शिपिंग के लिए खतरा बन सकती थी.
ईरानी मीडिया ने लारक द्वीप के पास धमाकों की आवाज सुनाई देने की जानकारी दी. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अमेरिकी हमले में उसके कई लड़ाके और दूसरे लोग मारे गए या घायल हुए हैं. इसके बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन पर जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की तस्वीरें दिखाई गईं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, कतर में यूएस बेस में धमाका भी हुआ है लेकिन इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है.
जॉर्डन की सेना ने कहा कि सोमवार तड़के उसके एयरस्पेस में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया. ऐसे में लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है.
यह हमला उस वक्त हुआ है जब अमेरिका ने कुछ दिन पहले सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर जोर देने की बात कही थी. अमेरिका की रणनीति में ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और संस्थाओं पर कार्रवाई की धमकी शामिल थी. लेकिन लारक द्वीप पर ताजा हमले ने एक बार फिर सैन्य टकराव की आशंका बढ़ा दी है.
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होर्मुज स्ट्रेट इस पूरे तनाव का सबसे अहम केंद्र बना हुआ है. आम तौर पर दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की आवाजाही इसी रास्ते से होती है. युद्ध के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है. अमेरिकी हमले की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई. अमेरिकी तेल की कीमत 1.8 फीसदी बढ़कर 84.94 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.9 फीसदी बढ़कर 89.79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया.
ईरान लगातार होर्मुज स्ट्रेट को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट खुला है, लेकिन यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या युद्ध से पहले के मुकाबले काफी कम है. अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की "बदला आ रहा है, बस भागो" वाली चेतावनी ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है.
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