सॉरी बाबासाहेब, अब प्रोटेस्ट का संविधान बदलना पड़ेगा!
राजनीति
सॉरी बाबासाहेब, अब प्रोटेस्ट का संविधान बदलना पड़ेगा!
10 अगस्त 2026 को 08:28 am बजे
हाथों में बाबासाहेब की तस्वीरें, जुबां पर गालियां और सड़कों से संसद के फैसले सुनाने की जिद- क्या यही है नया 'अंबेडकरवादी' प्रोटेस्ट? पेपर लीक से परेशान Gen-Z युवाओं के आक्रोश से लेकर सरकार के रवैये तक, कुछ भी ऐसा नहीं हो रहा है जिसे डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 को दिए गए ऐतिहासिक भाषण 'ग्रामर ऑफ अनार्की' की कसौटी पर खरा कहा जा सके.
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