सुरों के सम्राट पंडित जसराज, सरंगी जुगलबंदी से हवेली संगीत तक का सफर, हिरण भी हो गया था जिनकी गायकी से मंत्रमुग्ध
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सुरों के सम्राट पंडित जसराज, सरंगी जुगलबंदी से हवेली संगीत तक का सफर, हिरण भी हो गया था जिनकी गायकी से मंत्रमुग्ध
17 अगस्त 2026 को 08:27 am बजे

ऐसा कहा जाता है कि 1996 में वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में एक सुबह लगभग 6 बजे जब पंडित जसराज 5,000 से अधिक श्रोताओं के सामने 'राग तोड़ी' गा रहे थे, तो एक हिरण दौड़ता हुआ आया और मंच के पास आकर उनके गायन से मंत्रमुग्ध होकर खड़ा हो गया था. पंडित जसराज
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