Exclusive: '10 से 35 लाख में बिके सरकारी पद', JPSC घोटाले के मास्टरमाइंड का कुबूलनामा

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Exclusive: '10 से 35 लाख में बिके सरकारी पद', JPSC घोटाले के मास्टरमाइंड का कुबूलनामा

12 अगस्त 2026 को 08:44 am बजे
Exclusive: '10 से 35 लाख में बिके सरकारी पद', JPSC घोटाले के मास्टरमाइंड का कुबूलनामा

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती घोटाले में सीआईडी की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी और इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने सीआईडी के सामने कबूल किया है कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के अलावा 11वीं से 13वीं परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी. उसने बताया कि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों के नंबर पैसे लेकर बढ़ाए गए. इसी बीच जेएसएससी जूनियर इंजीनियर परीक्षा पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने मुंबई से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है.

सीआईडी की पूछताछ में अभय तिवारी ने बताया कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा में भी अभ्यर्थियों के साथ पैसों की डील हुई थी. उसने कहा कि इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए लाखों रुपए में सौदा किया जाता था. सबसे बड़ा खुलासा फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर यानी एफआरओ और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट यानी एसीएफ की भर्ती को लेकर हुआ है. अभय तिवारी ने बताया कि उसने 20 अभ्यर्थियों से करीब 5 करोड़ 80 लाख रुपए वसूले थे. एफआरओ के एक पद के लिए 20 से 25 लाख रुपए की बोली लगती थी जबकि एसीएफ के लिए यह रकम 30 से 35 लाख रुपए तक जाती थी. इसके अलावा उसने सीडीपीओ परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपए लेने की बात मानी है.

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अभय तिवारी के मुताबिक, नामकुम के रहने वाले आदित्य पांडेय ने इस पूरे खेल में अहम भूमिका निभाई. आदित्य ने ख्यांग्ते, अजीता भट्टाचार्य, उनकी पीए ब्रजराम, जमाल अहमद, अनिमा हांसदा और टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह से संपर्क करके इंटरव्यू में नंबर बढ़वाए. तिवारी ने यह भी बताया कि लालू नाम के एक एजेंट के जरिए उसका संपर्क जेपीएससी पास कर चुके तीन अभ्यर्थियों से हुआ था. इसके बाद इन अभ्यर्थियों को खास तौर पर ख्यांग्ते और अजीता भट्टाचार्य के इंटरव्यू बोर्ड में शामिल कराया गया ताकि उनके नंबर आसानी से बढ़ाए जा सकें.

इस मामले में सीआईडी की जांच अब और तेज हो गई है. सीआईडी आज जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य डॉ अनिमा हांसदा से पूछताछ करने वाली है. इससे पहले सीआईडी अजीता भट्टाचार्या से पूछताछ कर चुकी है. जांच एजेंसी की कोशिश है कि इस पूरे घोटाले में शामिल हर व्यक्ति तक पहुंचा जाए.

वहीं जेएसएससी की अभियंता यानी जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी बड़ी कार्रवाई हुई है. रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है. अरुण शर्मा परीक्षा आयोजित कराने और डेटा मैनेजमेंट का काम देखने वाली एजेंसी बिनसिस का संचालक और निदेशक है. सीआईडी आज कोर्ट में अरुण शर्मा के रिमांड के लिए आवेदन दे सकती है. साथ ही जेएसएससी जेई परीक्षा से जुड़े नामकुम थाना के केस को भी सीआईडी अपने हाथ में ले सकती है. बता दें कि अरुण शर्मा मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है.

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