Supreme Court: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई आज, किसकी याचिका पर आ सकता है फैसला?

राजनीति

Supreme Court: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई आज, किसकी याचिका पर आ सकता है फैसला?

25 अगस्त 2026 को 08:22 am बजे
Supreme Court: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई आज, किसकी याचिका पर आ सकता है फैसला?

Supreme Court: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई आज, किसकी याचिका पर आ सकता है फैसला?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 25 Aug 2026 08:22 AM IST
सार

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हो सकती है। अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष के पास लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसले की मांग की है। क्या अदालत मामले में कोई अहम निर्देश देगी? आइए, जानते हैं...

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़े मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। पार्टी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है। अभिषेक बनर्जी की रिट याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर सकती है। याचिका में अयोग्यता की कार्यवाही में हो रही देरी को चुनौती दी गई है।

20 सांसदों के खिलाफ क्या है मामला?

तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद 20 सांसदों ने पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का दावा किया था। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग भी की थी। टीएमसी का कहना है कि ये सभी सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। पार्टी का तर्क है कि किसी दूसरे राजनीतिक गठन में शामिल होने पर उनके खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है।

अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के सामने भी उठाया था मुद्दा

अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष 20 बागी सांसदों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दाखिल की थीं। इन याचिकाओं में जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई थी। अब उन्होंने अयोग्यता की कार्यवाही में कथित देरी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसी याचिका पर मंगलवार की सुनवाई को अहम माना जा रहा है। मानसून सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने इन 20 बागी सांसदों के लिए सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की थी। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि अयोग्यता की याचिकाओं पर आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।