मथुरा-वृंदावन नहीं! देश की इन 10 जगहों पर मनाएं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

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मथुरा-वृंदावन नहीं! देश की इन 10 जगहों पर मनाएं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

04 सितंबर 2026 को 10:31 am बजे
मथुरा-वृंदावन नहीं! देश की इन 10 जगहों पर मनाएं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

Best Places to Celebrate Janmashtami:  जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है. वैसे तो मथुरा और वृंदावन को श्रीकृष्ण भक्ति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए जन्माष्टमी के मौके पर यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और काफी भीड़ रहती है. लेकिन भारत में कई ऐसी जगहें भी हैं, जहां कान्हा का जन्मोत्सव उतनी ही धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जाता है. अगर इस बार आप मथुरा-वृंदावन नहीं जा पा रहे हैं तो इन 10 जगहों पर जाकर श्रीकृष्ण भक्ति, भव्य झांकियों, भजन-कीर्तन और रात्रि आरती का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं.

जयपुर (राजस्थान) जयपुर के सिटी पैलेस परिसर में स्थित प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थापित भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति उनके वास्तविक स्वरूप या चेहरे से काफी मिलती-जुलती मानी जाती है. जन्माष्टमी पर मंदिर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया जाता है. यहां विशेष आरती, झांकियां और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है.

पुरी (ओडिशा) पुरी का जगन्नाथ मंदिर श्रीकृष्ण भक्तों के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है. जन्माष्टमी के अवसर पर यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विशेष पूजा होती है. शाम की आरती, झांकियां और धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव कराते हैं.

मुंबई (महाराष्ट्र) मुंबई का दही-हांडी उत्सव पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. दादर, ठाणे, लालबाग और वर्ली जैसे इलाकों में गोविंदा मंडल मानव पिरामिड बनाकर दही-हांडी फोड़ते हैं. यह आयोजन जन्माष्टमी की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है.

कुरुक्षेत्र (हरियाणा) कुरुक्षेत्र वह पवित्र भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था. जन्माष्टमी पर यहां मंदिरों में विशेष पूजा, झांकियां, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

उडुपी (कर्नाटक) उडुपी का श्रीकृष्ण मठ दक्षिण भारत में जन्माष्टमी मनाने के लिए सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है. यहां इस पर्व को 'गोकुलाष्टमी' के रूप में मनाया जाता है. भगवान का विशेष अभिषेक और पारंपरिक भोग यहां की खास पहचान है.

द्वारका (गुजरात) भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मानी जाने वाली द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर जन्माष्टमी पर बेहद आकर्षक नजर आता है. मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है. आधी रात को विशेष पूजा और आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.

नाथद्वारा (राजस्थान) राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. भगवान का विशेष श्रृंगार, झूलन उत्सव, भजन-कीर्तन और विशेष दर्शन यहां की मुख्य आकर्षण होते हैं.

मायापुर (पश्चिम बंगाल) मायापुर स्थित इस्कॉन चंद्रोदय मंदिर दुनियाभर के कृष्ण भक्तों के बीच प्रसिद्ध है. जन्माष्टमी पर यहां अभिषेक, संकीर्तन, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है.

बरसाना (उत्तर प्रदेश) राधा रानी की नगरी बरसाना भी जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तिमय माहौल से भर जाती है. मंदिरों में विशेष पूजा, झांकियां और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है. यहां का शांत और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को खास अनुभव देता है.

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली-एनसीआर में हैं तो द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर जन्माष्टमी मनाने के लिए बेहतरीन जगह है. यहां श्रीकृष्ण अभिषेक, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मध्यरात्रि जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.

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