सागर में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद CM का बड़ा एक्शन, 4 अफसर नपे
सागर में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद CM का बड़ा एक्शन, 4 अफसर नपे

मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है. रविवार सुबह ही मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, जबकि एक सीनियर अफसर को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है.
घटना बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में सामने आई है. शुरुआती प्रशासनिक जानकारी के अनुसार जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय बीजेपी विधायक ने मृतकों की संख्या 11 बताई है. कई अन्य लोगों के बीमार होने की भी जानकारी सामने आई है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने जाने पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को सस्पेंड कर दिया गया है.
वहीं, मामले में समान रूप से जिम्मेदार माने जाने पर उपायुक्त और संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है. यानी जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में कुल 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है.
CM मोहन यादव ने कहा- दोषी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को बेहद संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, नई दिल्ली प्रवास के दौरान जैसे ही उन्हें सागर की घटना की जानकारी मिली, उन्होंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को राहत और बीमार लोगों के लिए समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे. अधिकारी दल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इसके साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया.
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है, ताकि शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके.
10 मौतों की प्रशासनिक पुष्टि, विधायक ने बताया आंकड़ा 11
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के प्रभावित गांवों में अवैध जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हुई है.
हालांकि, स्थानीय बीजेपी विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 बताई है. उन्होंने बताया कि बंडा सिविल अस्पताल से करीब 25 लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया है.
कलेक्टर ने बताया कि बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायत वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. ऐसे तीन लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (BMCH) भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है. उनके मुताबिक, इन मरीजों की हालत गंभीर नहीं है.
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका को लेकर कलेक्टर ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है.
घटना की जांच में शराब के संभावित स्रोत को लेकर भी बड़ा खुलासा सामने आया है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि संदिग्ध शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से हुई थी.
कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, शुरुआती जांच में ललितपुर से इस तरह की जहरीली शराब की सप्लाई करने वाले एक गिरोह की जानकारी सामने आई है. चूंकि सागर का यह इलाका उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक है, इसलिए इस एंगल की भी जांच की जा रही है. हालांकि, शराब की वास्तविक सप्लाई चेन और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है.
घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाए हैं. प्रभावित क्षेत्र में सात शराब दुकानों को सील कर दिया गया है और शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं.
प्रशासन ने उन लोगों से तत्काल स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है, जिन्होंने हाल के दिनों में शराब का सेवन किया था और अब उन्हें उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो रही है. अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर मेडिकल जांच कराएं.
घटना के विरोध और मुआवजे समेत अन्य मांगों को लेकर लोगों ने बंडा चौराहे पर 32 वर्षीय मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिसमें मृतक के परिजन भी मौजूद रहे.परिजनों के मुताबिक, मृतक ने कल शाम शराब पी थी, जिसके बाद उसे उल्टियां होने लगीं, शरीर अकड़ने लगा और सांस तेज चलने लगी. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. प्रशासन को फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि संदिग्ध शराब कहां से खरीदी गई थी, इसलिए एहतियात के तौर पर इलाके की सभी 6 शराब दुकानों को सील कर दिया गया है. वहीं, स्थिति को देखते हुए बंडा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें