भारत ने नेपाल भेजी 130 टन राहत सामग्री, 54 एक्सपर्ट भी रवाना

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भारत ने नेपाल भेजी 130 टन राहत सामग्री, 54 एक्सपर्ट भी रवाना

10 सितंबर 2026 को 12:20 am बजे
भारत ने नेपाल भेजी 130 टन राहत सामग्री, 54 एक्सपर्ट भी रवाना

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम अब भी जारी है. इस मुश्किल समय में भारत लगातार नेपाल की मदद कर रहा है. भारतीय वायुसेना का आठवां विमान बुधवार को राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा. भारत ने 26 अगस्त से अब तक आठ स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए नेपाल को 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी है.

इसके अलावा भारत ने बचाव, राहत और फॉरेंसिक काम में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को नेपाल भेजा है. भारतीय दूतावास के मुताबिक, भारत की ओर से नेपाल को हर संभव मदद देने की कोशिश की जा रही है.

भारत ने नेपाल को कई जरूरी सामान भेजे हैं. इनमें टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल हैं. इसके साथ ही मुश्किल इलाकों में बचाव के लिए खास उपकरण भी भेजे गए हैं. इनमें कीचड़ और सुरंग में बचाव के उपकरण शामिल हैं. मड रेस्क्यू सूट, गैस डिटेक्टर और ब्रीदिंग अपरेटस भी भेजे गए हैं.

पानी निकालने वाले पंप और पोर्टेबल जनरेटर भी राहत सामग्री का हिस्सा हैं. इसके अलावा लाइटिंग टावर और इन्फ्लेटेबल वॉकवे भी उपलब्ध कराए गए हैं. भारत ने फॉरेंसिक जांच के लिए भी जरूरी सामान भेजा है. इसमें डीएनए किट, डीएनए प्रोफाइलिंग के उपकरण और जरूरी रिएजेंट शामिल हैं.

The 8th IAF aircraft carrying 35 tonnes of essential relief and rescue supplies has landed in Nepal. The relief supplies were handed over by Ambassador Naveen Srivastava to Mr. Mahabir Pun, Minister for Science, Technology and Innovation. pic.twitter.com/ac112PO1Uv

भारत की स्पेशल टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग में बचाव अभियान शुरू किया था. फिलहाल बचाव अभियान का मुख्य फोकस चिलिमे पर है. यहां राहत और बचाव का काम आसान नहीं है. इलाका काफी दुर्गम है. वहां पहुंचने में भी परेशानी हो रही है. सुरंग में ढलान होने के कारण टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

भारतीय टीम हाथ से किए जाने वाले बचाव प्रयासों के साथ नई टेकनीक का भी यहां इस्तेमाल कर रही है. सुरंग तक भारी मशीनें पहुंचाने की तैयारी चल रही है. बचाव अभियान को तेज करने के लिए एक अस्थायी ट्रैक तैयार किया जा रहा है. इसके जरिए एक्स्काभेटर जैसी भारी मशीनों को सुरंग तक पहुंचाया जाएगा.

भारतीय दूतावास के मुताबिक, ट्रैक बनाने के काम में अच्छी प्रगति हुई है. इसके अगले दो से तीन दिनों में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद सुरंग में बचाव अभियान को और तेजी मिल सकती है.

यह भी पढ़ें: नेपाल में मलबे से कई दिन बाद जिंदा निकले लोग, न खाना मिला ना पानी... फिर कैसे बची जान?

भारत की फॉरेंसिक टीम भी नेपाल में काम कर रही है. टीम काठमांडू की दो लैब्स में नेपाली अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए सैंपल्स की जांच कर रही है. इस जांच में भारत की ओर से भेजे गए डीएनए किट और दूसरे उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं. रिएजेंट भी उपलब्ध कराए गए हैं. इससे नमूनों की पहचान और जांच का काम आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है.

भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारत नेपाल की जनता और सरकार के साथ खड़ा है. भारत राहत और बचाव के साथ पुनर्वास के काम में भी मदद जारी रखेगा. बाढ़ के बाद नेपाल में कई इलाकों में हालात मुश्किल बने हुए हैं. ऐसे में भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमों की मदद से बचाव अभियान को मजबूती मिल रही है. भारत ने साफ किया है कि जरूरत के मुताबिक नेपाल को आगे भी सहायता दी जाएगी.

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