विदाई के पहले मॉनसून ने मारा यूटर्न, दिल्ली-यूपी से बिहार-झारखंड तक बारिश, बंगाल की खाड़ी में बन रहा बवंडर सितंबर के बाकी 15 दिन भिगोएगा
विदाई के पहले मॉनसून ने मारा यूटर्न, दिल्ली-यूपी से बिहार-झारखंड तक बारिश, बंगाल की खाड़ी में बन रहा बवंडर सितंबर के बाकी 15 दिन भिगोएगा

देश में चार महीने लंबे मॉनसून सीजन की विदाई का वक्त आ गया है. 4 जून को अंडमान निकोबार से भारत में एंट्री करने वाला मॉनसून 100 दिन बाद ठंडा पड़ने लगा है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मॉनसून 15 से 17 सितंबर के बीच पश्चिमी राजस्थान से शुरू हो जाएगा. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में भी 15 सितंबर के बाद मौसम शुष्क होने लगेगा.दिल्ली में अगले चार दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने का अनुमान है. इस बीच बादलों की गड़गड़ाहट, बिजली चमकने के साथ हल्की फुल्की बारिश हो सकती है. हालांकि ज्यादा बारिश के आसार दिल्ली एनसीआर में अब नहीं हैं. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 16 और 17 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है.
गुजरात में आईएमडी का रेड अलर्ट
गुजरात के कच्छ इलाके में रेड अलर्ट है. सौराष्ट्र में भी भारी बारिश की चेतावनी है.गुजरात के इन हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. पश्चिमी और मध्य भारत के ऊपर बादलों का एक बड़ा वेदर सिस्टम सक्रिय हुआ है. सैटेलाइट तस्वीरों में यह दिख रहा है. गुजरात के द्वारका, गिर सोमनाथ, जामनगर और मोरबी में ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है. इन इलाकों में तूफान के साथ 15 मिमी प्रति घंटे की दर से भारी बारिश भी हो सकती है.
🌧️ Observed Rainfall | 15 September 2026
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 15, 2026
Very Heavy Rainfall 🌧️
🔹 Gujarat Region
🔹 Saurashtra & Kutch
🔹 West Madhya Pradesh
🔹 Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal
Heavy Rainfall 🌦️
🔹 East Rajasthan
🔹 West Uttar Pradesh
🔹 Telangana
🔹 South Interior Karnataka
🔹 Coastal… pic.twitter.com/mniez6cbUv
दिल्ली एनसीआर से मॉनसून कब विदा होगा
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में 20 से 25 सितंबर के आसपास यानी सितंबर के तीसरे हफ्ते के अंत तक मॉनसून पूरी तरह विदा होने लगेगा. इन इलाकों में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो जाएंगी. नोएडा, गाजियाबाद जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एरिया में भी 22 से 27 सितंबर के बीच मॉनसून लौट जाएगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल में सितंबर के आखिरी दिनों तक बारिश हो सकती है.
यूपी और दिल्ली में आज का मौसम
जम्मू-कश्मीर में 18 से सितंबर के दौरान, हिमाचल प्रदेश में 14 से 20 सितंबर के दौरान, उत्तराखंड में 15 से 20 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ में 15 सितंबर औऱ फिर 18 से 20 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है.पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भी 15 से 18 सितंबर के बीच बारिश का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर में भद्रवाह, किश्तवाड़, डोडा जैसे जिलों में बारिश हो रही है. जबकि हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, मनाली से लेकर शिमला तक मौसम बदला है. उत्तराखंड में भी अगले हफ्ते देहरादून, पिथौरागढ़ जैसे इलाकों में बारिश के संकेत हैं.

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात सक्रिय
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव जैसे मौसमी बदलाव के आधार पर मॉनसून 15 से 30 सितंबर के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से विदा होगा. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बंगाल, बिहार, झारखंड जैसे पूर्वी इलाकों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के मध्य भारत और दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में सितंबर के आखिरी दो हफ्तों में भी बेहतर बारिश जारी रहेगी.
- पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, जोधपुर जैसे इलाकों में 15-16 सितंबर को
- उत्तराखंड में 15 और 16 सितंबर को
- पूर्वी राजस्थान में 15 से 17 सितंबर के बीच आंधी, तूफान, बिजली गिरने के साथ बारिश की आशंका
- पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 से 20 सितंबर के बीच बरसात का अनुमान
- पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 16 से 20 सितंबर के बीच हल्की फुल्की बारिश के आसार
मॉनसून की विदाई कब मानी जाती है
मॉनसून की विदाई की 1 सितंबर के बाद शुरू होने लगती है. जब मॉनसून सीजन के आखिरी दौर में किसी क्षेत्र में लगातार 5 दिनों तक बारिश पूरी तरह थम जाए. हवा का चक्रवात विरोधी पैटर्न बने और हवा में नमी काफी कम हो जाए तो माना जाता है कि मॉनसून उस इलाके से जा चुका है.पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालौर, सिरोही और पाली, बीकानेर, चुरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों से मॉनसून 15 से 18 सितंबर के बीच विदा होगा. हालांकि जाने के पहले राजस्थान के इन इलाकों में अच्छी बरसात होने वाली है.
गुजरात और मध्य प्रदेश में मॉनसून कब जाएगा
उत्तरी गुजरात और उत्तरी मध्य प्रदेश से 25 से 30 सितंबर के बीच मॉनसून विदा होगा. जबकि दक्षिणी गुजरात और दक्षिणी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश जारी रहेगी. बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक में अक्टूबर के पहले हफ्ते तक मॉनसून सक्रिय रहेगा. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण यहां मॉनसून अक्टूबर में भी एक-दो हफ्ते सक्रिय रहेगा. गुजरात में अहमदाबाद, राजकोट में अच्छी बारिश हो रही है.
सितंबर के बाकी 15 दिनों में कैसी बारिश होगी?
इस महीने 15 से 30 सितंबर के बीच बारिश की बात करें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ जैसे इलाके में ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं हैं. हालांकि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, कोंकण और गोवा में मॉनसून के अभी सक्रिय रहने की उम्मीद है.सितंबर के आखिरी 15 दिनों में तटीय कर्नाटक और केरल में बारिश में दोबारा तेजी आएगी.

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र
मॉनसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है, हालांकि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से कुछ इलाकों में अभी बारिश जोर पकड़ेगी. बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवात सक्रिय हुआ है, जो कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो रहा है.मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 20 सितंबर और 22 से 25 सितंबर के बीच देश के पूर्वी हिस्से में बंगाल, बिहार-झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिणी इलाकों में बारिश का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है.
बिहार-झारखंड में बारिश आएगी
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव की प्रणाली से बारिश होगी. इससे इन राज्यों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा.इन राज्यों में लगातार बारिश होने से खरीफ की फसलों को पानी मिलेगा. हालांकि बारिश से निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी है. कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में भी नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी.
अल नीनो क्या है
प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के बढ़ते तापमान से अल नीनो की स्थिति उत्पन्न होती है, जो मॉनसून की बारिश को रोकती है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल न्यूट्रल अल नीनो और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की सतह के उच्च तापमान के कारण सितंबर में अधिक मॉनसूनी सिस्टम बन रहे हैं. मॉनसून का सीजन खत्म होने के बीच देश के बड़े हिस्से में बारिश की सक्रियता लगातार बनी हुई है.
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