160 की स्पीड, 12 घंटे में सफर! इस 1400 KM रूट पर फास्ट होगी ट्रेन जर्नी

राष्ट्रीय समाचार

160 की स्पीड, 12 घंटे में सफर! इस 1400 KM रूट पर फास्ट होगी ट्रेन जर्नी

14 सितंबर 2026 को 09:57 am बजे
160 की स्पीड, 12 घंटे में सफर! इस 1400 KM रूट पर फास्ट होगी ट्रेन जर्नी

नई दिल्ली से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन सफर आने वाले समय में काफी तेज हो सकता है. रेलवे इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी में जुटा है. लक्ष्य है कि नई दिल्ली-मुंबई के बीच यात्रा का समय घटाकर करीब 12 घंटे की तरफ लाया जाए. इसी दिशा में रेलवे लगातार ट्रैक, इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग और दूसरे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर रहा है.

इस प्रोजेक्ट से जुड़ा ताजा अपडेट आगरा डिवीजन से आया है, जहां 7 सितंबर को नया 2x25 kV छाता ट्रैक्शन सबस्टेशन (TSS) चार्ज किया गया. यह काम 'मिशन रफ्तार' के तहत नई दिल्ली-मुंबई रूट के पलवल-मथुरा सेक्शन को तेज रफ्तार ट्रेन ऑपरेशन के लिए तैयार करने का हिस्सा है.

नई दिल्ली से मुंबई की ट्रेन से दूरी करीब 1,427 किलोमीटर है. अभी इस रूट पर सबसे फास्ट ट्रेन पुणे AC दुरंतो एक्सप्रेस है, जिसमें करीब 15 घंटे 24 मिनट लगते हैं. तेजस राजधानी एक्सप्रेस करीब 15 घंटे 40 मिनट में नई दिल्ली से मुंबई पहुंचती है. अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस से लगभग 16 घंटे 50 मिनट लगते हैं.

यह भी पढ़ें: 57 टनल, 226 ब्रिज, 108 कर्व... वेस्टर्न घाट में दौड़ती वंदे भारत के पीछे है रेलवे की कड़ी मेहनत

रेलवे पलवल-मथुरा के 84 रूट किलोमीटर (RKM) लंबे सेक्शन को अपग्रेड कर रहा है. यह करीब 336 ट्रैक किलोमीटर (TKM) में फैला है. इस हिस्से में कई स्तरों पर काम चल रहा है, ताकि भविष्य में ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाने के लिए जरूरी ढांचा तैयार किया जा सके. इसके तहत ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) में बदलाव, सुपर मास्ट्स और एक्सीलियरी अर्थ कंडक्टर (AEC) बनाने, ट्रैक्शन और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम में सुधार, यार्ड रीमॉडलिंग और दूसरे सिविल व मैकेनिकल काम शामिल हैं. मथुरा-भूतेश्वर (MTJ-BTSR) सेक्शन में फिलहाल AEC से जुड़े काम, मास्ट लगाने और स्टेशन क्षेत्र में कमीशनिंग पर फोकस किया जा रहा है.

तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन के लिए मजबूत और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति जरूरी है. इसी दिशा में छाता TSS को चार्ज किया गया है. इसके अलावा कोसीकलां स्विचिंग पोस्ट, मथुरा स्विचिंग पोस्ट और शोलाका सब-सेक्शनिंग एंड पैरेललिंग पोस्ट पहले ही चार्ज हो चुके हैं. वृंदावन सब-सेक्शनिंग एंड पैरेललिंग पोस्ट की फाइनल टेस्टिंग चल रही है. कोटवन सब-सेक्शनिंग एंड पैरेललिंग पोस्ट की फाइनल टेस्टिंग 15 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. होडल और अझई से जुड़ी सुविधाओं की कमी​शनिंग सितंबर में प्रस्तावित है. वहीं रुंधी-पलवल ट्रैक्शन सब-स्टेशन को 25 सितंबर तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. रुंधी ट्रैक्शन सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन को अक्टूबर में ​ग्रिड से जोड़ने की योजना है.

यह भी पढ़ें: कुछ घंटों में तय होगी 545 KM की दूरी... इन दो शहरों को जोड़ेगी वंदे भारत, एक प्रसिद्ध मंदिर भी शामिल

इस पूरे अपग्रेड में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (SCADA) सिस्टम भी अहम भूमिका निभाएगा. इसके चालू होने के बाद आगरा कंट्रोल हब से ट्रैक्शन पावर नेटवर्क की दूर से निगरानी और नियंत्रण किया जा सकेगा. इससे रेलवे को बिजली आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की एक जगह से निगरानी करने में मदद मिलेगी. किसी समस्या की स्थिति में सिस्टम पर नजर रखना और जरूरी कार्रवाई करना भी आसान होगा.

सिर्फ ट्रैक और बिजली व्यवस्था ही नहीं, मथुरा और भुतेश्वर यार्ड को भी अपग्रेड किया जा रहा है. यार्ड रीमॉडलिंग इस पूरे स्पीड-अप प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है. फेज-II के तहत नई अप लाइन, चौथी लाइन और भूतेश्वर यार्ड में कट-कनेक्शन से जुड़े काम किए जा रहे हैं. रेलवे के मुताबिक इन अहम कामों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे