AAC ब्लॉक क्या है? क्या यह लाल ईंट से सस्ता और मजबूत ऑप्शन है

राष्ट्रीय समाचार

AAC ब्लॉक क्या है? क्या यह लाल ईंट से सस्ता और मजबूत ऑप्शन है

21 सितंबर 2026 को 09:43 am बजे
AAC ब्लॉक क्या है? क्या यह लाल ईंट से सस्ता और मजबूत ऑप्शन है

घर बनाने के लिए शुरू से भट्ठी में पककर तैयार की गई लाल ईंट का इस्तेमाल होता आया है. लोगों का भरोसा इस लाल ईंट पर ही ज्यादा रहता है. लेकिन, अब तेज और कम लागत वाले कंस्ट्रक्शन के लिए इसके कई सारे विकल्प आ गए हैं. इनमें से ही एक हैं AAC ब्लॉक. हालांकि, लाल ईंट और एएसी ब्लॉक  दोनों ही मजबूत दीवारें बनाने के लिए अच्छे हैं, लेकिन इनमें बहुत अंतर है.

AAC ब्लॉक एक हल्के वजन का प्री-कास्ट कंक्रीट बिल्डिंग मटेरियल है.  यह रेत, सीमेंट, चूना और फ्लाई ऐश या एल्युमीनियम पाउडर के मिश्रण से बना होता है. इसे हाई प्रेशर और भाप (Autoclave) में तैयार किया जाता है. इसलिए इसे ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट ब्लॉक यानी एएसी ब्लॉक कहा जाता है.

AAC ब्लॉक की खासियत  वैसे तो लाल ईंट की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ अधिक होती है, लेकिन AAC ब्लॉक की लोड-बियरिंग क्षमता और स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ  मॉर्डन फ्रेम निर्माण यानी RCC स्ट्रक्चर के लिए पूरी तरह पर्याप्त और बेहतरीन होती है.

AAC ब्लॉक का वजन लाल ईंट से लगभग 3 गुना कम होता है. यही वजह है कि यह इमारत के 'डेड लोड' को कम करता है. इससे भूकंप के दौरान इमारत पर कम दबाव पड़ता है और कॉलम-बीम सुरक्षित रहते हैं.

क्यों एएसी ब्लॉक का होता है इस्तेमाल लाल ईंटें घर बनाने के लिए एक ठोस विकल्प बनी हुई है, लेकिन एएसी ब्लॉक आज के आधुनिक कंस्ट्रक्शन ट्रेंड की वजह से पसंदीदा सामग्री बन चुका है. एएसी ब्लॉक का घर बनाने में इस्तेमाल से लंबे समय के लिए लागत कम हो जाता है. निर्माण का काम तेजी से होता है और यह ईको फ्रेंडली भी होता है.

AAC ब्लॉक का हल्का वजन भवन की नींव और ढांचे पर भार को कम करता है. इससे स्टील और कंक्रीट की लागत में बचत हो सकती है और निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सकता है. एएसी ब्लॉक आकार में बड़े और अधिक एकसमान होते हैं. इससे दीवार का निर्माण बहुत तेजी से होता है. इनकी चिकनी सतह के कारण कम प्लास्टर की जरूरत होती है, जिससे समय और मटेरियल दोनों की बचत होती है.

लाल ईंट से सस्ता कैसे है? AAC ब्लॉक आकार में लाल ईंट से 7-8 गुना बड़े होते हैं. इससे दीवारों की जुड़ाई में कम समय लगता है और मसाला की खपत आधे से भी कम हो जाती है. कम वजन के कारण फाउंडेशन, स्टील और कंक्रीट की लागत में 10% से 25% तक की भारी बचत होती है.

खरीदने के समय प्रति यूनिट के हिसाब से यह लाल ईंट से थोड़ा महंगा लग सकता है, लेकिन मजदूरी, समय, सीमेंट-रेत और स्ट्रक्चरल बचत को मिलाकर यह कुल निर्माण में लाल ईंट से काफी ज्यादा किफायती और सस्ता पड़ता है.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे