'गटई पिरात है, चिल-चिल पिरात है’,ऐसी बीमारी सुन अवधी सीखी कनार्टक की डॉक्टर
स्वास्थ्य
'गटई पिरात है, चिल-चिल पिरात है’,ऐसी बीमारी सुन अवधी सीखी कनार्टक की डॉक्टर
04 सितंबर 2026 को 11:47 am बजे
गोंडा में प्रैक्टिस करने वाली एक डॉक्टर का अवधी बोलने का अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. कर्नाटक में पढ़ी डॉक्टर ने मरीजों से बेहतर संवाद के लिए पहले हिंदी और फिर अवधी सीखी. मरीजों के ‘गटई पिरात है’, ‘नटई पिरात है’ और ‘चिल-चिल पिरात है’ जैसे शब्दों से उन्होंने अवधी सीखी. डॉक्टर का कहना है कि स्थानीय बोली बोलने में शर्म नहीं, गर्व होना चाहिए.
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