'टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना साझा तरक्की में रोड़ा', BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा मैसेज

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'टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना साझा तरक्की में रोड़ा', BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा मैसेज

13 सितंबर 2026 को 11:32 am बजे
'टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना साझा तरक्की में रोड़ा', BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा मैसेज

BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बड़ा संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल BRICS देशों की साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है. ऐसे में टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया में सबको साथ लेकर चलना जरूरी है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर खास फोकस किया गया. इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, सप्लाई चेन और डिजिटल खेती जैसे क्षेत्रों में कई पहल की गई हैं.

यह भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE, Day-2: बीमारी, डिजास्टर, सप्लाई चेन और AI... भारत मंडपम में PM मोदी ने BRICS लीडर्स को दिए संबोधन में कही बड़ी बातें

पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन यानी हथियार की तरह इस्तेमाल साझा प्रगति के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकता है. इसलिए BRICS देशों ने टेक्नोलॉजी को अपनाने में समावेशी सोच पर जोर दिया है.

#WATCH | Delhi: On Day 2 of the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "The BRICS Logistic Supply Chain Cooperation Framework will help make our supply chains more reliable and resilient. Under the umbrella of innovation, the BRICS Incubator Network will connect… pic.twitter.com/1JbC4c1nlC

यानी नई तकनीकों का फायदा कुछ देशों या चुनिंदा समूहों तक सीमित रखने के बजाय ज्यादा से ज्यादा देशों और लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ की भविष्य की तकनीकों के विकास और उनसे जुड़े नियम तय करने में भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए.

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का एक बड़ा उदाहरण डिजिटल खेती के क्षेत्र में सामने आया है. पीएम मोदी ने BRICS नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे.

इस पहल के जरिए AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा. मकसद यह है कि तकनीक का इस्तेमाल सीधे खेती और किसानों से जुड़ी जरूरतों के समाधान में हो.

पीएम मोदी ने BRICS इन्क्यूबेटर नेटवर्क और स्टार्टअप इनोवेशन फंड का भी जिक्र किया. इन्क्यूबेटर नेटवर्क के जरिए BRICS देशों के स्टार्टअप और इन्क्यूबेटर्स को जोड़ने की पहल की गई है. वहीं स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव नए और बड़े स्तर पर लागू होने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए रखा गया है.

इसके अलावा BRICS लॉजिस्टिक सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इससे सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.

बीमारी और आपदा से निपटने के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम

BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर भी सहमति बनी है. पीएम मोदी ने कहा कि किसी चुनौती की समय पर पहचान, उसके लिए तैयारी और तुरंत कार्रवाई जरूरी है.

इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस तैयार की गई हैं. पीएम मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता.

भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान इन पहलों के जरिए रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

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