मूंछों पर ताव देकर अखिलेश का नाम लेने वाले CO अशोक सिंह की सफाई

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मूंछों पर ताव देकर अखिलेश का नाम लेने वाले CO अशोक सिंह की सफाई

04 सितंबर 2026 को 10:57 am बजे
मूंछों पर ताव देकर अखिलेश का नाम लेने वाले CO अशोक सिंह की सफाई

यूपी के मैनपुरी में सीओ सिटी के पद पर तैनात अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वह प्रदर्शनकारियों से अपनी मूंछ ऐंठते हुए वीडियो बना लेने और सपा मुखिया अखिलेश यादव को दिखा देने की बात कहते नजर आ रहे हैं. जिसके बाद इसपर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी और योगी सरकार हमला बोला. वहीं, बीजेपी ने सपा मुखिया पर पलटवार किया. इस बीच सीओ सिटी की सफाई की भी चर्चा है. आइये जानते हैं किसने क्या कहा...

इस पूरे विवाद पर सीओ अशोक कुमार सिंह की सफाई सामने आई है. उन्होंने वायरल वीडियो और कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट की है. सीओ के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें एक जाति विशेष का अधिकारी और राजनीतिक व्यक्ति बताया. इसके अलावा, उनसे बहस करते हुए वीडियो को राजनीतिक नेताओं को भेजने की धमकी दी गई.  इसी बात पर उन्होंने जवाब दिया था कि वीडियो किसी नेता को भेजने के बजाय उससे ऊपर के अधिकारियों को भेजें. सीओ ने कहा कि बातचीत के एक छोटे से हिस्से को अलग (क्रॉप) करके सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है.

सीओ ने बताया कि पुलिस ने पूरी निष्पक्षता से काम किया है. घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर ट्रक क्लीनर सुभाष कुमार हत्याकांड में मोहित यादव की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में हुई. घायल ट्रक ड्राइवर के बयान और उसकी पहचान के आधार पर ही FIR दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है. लेकिन एक पक्ष पुलिसिया एक्शन पर सवाल उठा रहा था, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.

सीओ सिटी अशोक सिंह के इस वायरल वीडियो पर सियासत शुरू हो गई. समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को निशाने पर ले लिया. खुद अखिलेश यादव ने इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया और अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा- "सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है. इसलिए इनकी मूंछों पर ताव है. ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ है. पर अब ये कुछ दिनों की बात है. क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है. हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे!”

अखिलेश यादव के इस रिएक्शन पर बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मूंछ किसी जाति की परिचायक नहीं होती, बल्कि शूरवीरता की पहचान होती है. सेवा के जवान हो या पुलिस के जवान, अच्छी मूंछ रखने पर भत्ता देना पुरानी रवायत है.

बकौल त्रिपाठी- कुछ नेताओं को मूंछ पर हाथ फेरना पसंद नहीं उन्हें तो माफिया के कुत्ते से हाथ मिलाना पसंद है. यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार जी अपनी मूंछों के लिए प्रख्यात रहे और वह क्षत्रिय बिरादरी के नहीं है.

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