IAS Pratibha Pal: सागर कलेक्टर का क्विक एक्शन, 30 जिंदगियां बचीं; 3 घंटे में पहुंचे 10 एंटीडोट

शिक्षा

IAS Pratibha Pal: सागर कलेक्टर का क्विक एक्शन, 30 जिंदगियां बचीं; 3 घंटे में पहुंचे 10 एंटीडोट

12 सितंबर 2026 को 12:07 am बजे
IAS Pratibha Pal: सागर कलेक्टर का क्विक एक्शन, 30 जिंदगियां बचीं; 3 घंटे में पहुंचे 10 एंटीडोट
IAS Pratibha Pal: सागर कलेक्टर के क्विक एक्शन से 30 जिंदगियां बचीं; 3 घंटे में पहुंचे एंटीडोट
आईएएस प्रतिभा पाल: भोपाल से महज 3 घंटे में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचा फोमेपिजोल इंजेक्शन.

सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से जब एक के बाद एक मौत हो रही थी, तब जिला कलेक्टर आईएसएस प्रतिभा पाल ने सबसे जरूरी काम किया था. वो था इलाज के लिए जरूरी एंटीडोट. उनके इस फैसले का असर यह हुआ समय रहते फोमेपिजोल इंजेक्शन की व्यवस्था हो गई जो गंभीर मरीजों की जान बचाने में कारागर रही. इस इंजेक्शन और अन्य उपचार से अब तक 30 से अधिक मरीजों की जान बचाई जा चुकी है. 

सागर में जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच रहे थे. डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी शराब में मौजूद जहरीले पदार्थ का असर कम करना, जिससे उन्‍हें बचाया जा सका. इसी दौरान फोमेपिजोल नाम के इंजेक्शन के बारे में जानकारी सामने आई, जो एक विशेष एंटीडोट है. डॉक्‍टरों के अनुसार, इसका उपयोग मेथनॉल विषाक्तता के उपचार में किया जाता है.  
लोगों से बातचीत करतीं सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल.

लोगों से बातचीत करतीं सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल.

कहीं नहीं मिल रहा था इंजेक्शन 

ऐसे में सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने फोमेपिजोल की उपलब्धता को लेकर जानकारी लेना शुरू किया. लेकिन, उस समय प्रदेश के किसी भी सरकारी संस्थान में यह इंजेक्शन स्टॉक में नहीं था. भोपाल एम्स से लेकर, सभी बड़े अस्‍पतालों से जानकारी जुटाई गई, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा.  

ये भी पढ़ें-  UP के रवि लखेरा ने मां के साथ फेरी लगा बेचीं चूड़ियां, फिर शराब के धंधे का मास्टरमाइंड कैसे बना?

भोपाल से 3 घंटे में पहुंचे 10 इंजेक्शन

लंबी जद्दोजहद के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर को भोपाल के एक दवा विक्रेता के पास फोमेपिजोल इंजेक्शन उपलब्ध होने की जानकारी मिली. लेकिन, उसके पास सिर्फ 10 इंजेक्शन ही थे और उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द कैसे लगाया जाए. इसकी जानकारी कलेक्टर प्रतिभा पाल को मिली तो उन्‍होंने इंजेक्शन सागर लाने की व्यवस्था कराई. इसके बाद महज 3 घंटे के भीतर ये इंजेक्शन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचा दिए गए. 

फिर शुरू हुआ जान बचाने का सिलसिला  

फोमेपिजोल के बीएमसी पहुंचने के बाद गंभीर मरीजों को डॉक्टरों ने तत्काल उपचार देना शुरू किया. संख्‍या कम होने के कारण एक इंजेक्शन की डोज को तीन मरीजों के लिए इस्तेमाल किया गया. साथ ही, मरीजों की एथिनॉल थेरेपी और डायलिसिस भी की गई. इस उपचार का लाभ ये मिला कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती पांच गंभीर मरीज वेंटिलेटर से हटकर सामान्य स्थिति में आ गए. सागर प्रशासन के अनुसार, इस इंजेक्शन से 30 से अधिक गंभीर मरीजों को ठीक किया गया है. 

ये भी पढ़ें- MP: जहरीली शराब कांड के फरार आरोपी रवि लखेरा का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की कोशिश में लगी गोली

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
IAS Pratibha Pal, Sagar Collector Pratibha Pal, Sagar Poisonous Liquor Case, Sagar Liquor Tragedy, MP News
शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।