TMC बनाम TMC: ममता ने रात को दिया जवाब, बागी गुट के पास ये डेडलाइन

राजनीति

TMC बनाम TMC: ममता ने रात को दिया जवाब, बागी गुट के पास ये डेडलाइन

18 सितंबर 2026 को 09:15 am बजे
TMC बनाम TMC: ममता ने रात को दिया जवाब, बागी गुट के पास ये डेडलाइन

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से पहले चुनाव आयोग ने एक अंतरिम आदेश जारी कर तृणमूल कांग्रेस (AITC) के दोनों धड़ों पर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

ममता बनर्जी ने आयोग के अंतरिम आदेश पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जबकि बागी गुट आज 11 बजे तक नए विकल्प सौंपेगा. ये पूरा विवाद दोनों पक्षों द्वारा पार्टी पर अधिकार जताने के चलते खड़ा हुआ है.

ममता ने रात को ही सौंपा जवाब ममता बनर्जी गुट के सूत्रों के अनुसार, एआईटीसी की संस्थापक और चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने गुरुवार रात 11.36 बजे चुनाव आयोग को अपना आधिकारिक जवाब भेज दिया है. ममता बनर्जी ने आयोग द्वारा नाम और सिंबल को फ्रीज करने के फैसले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. सूत्रों ने बताया कि उन्होंने बेहद कड़े विरोध के साथ आयोग के अंतरिम आदेश के तहत अपनी प्राथमिकता वाले तीन नाम और तीन चुनाव चिह्न सौंप दिए हैं.

ऋतब्रत ने किया आयोग के फैसले का स्वागत वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और बागी गुट के प्रमुख ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आयोग ने प्रतीक चिन्ह को फ्रीज करना जरूरी समझा और वैसा ही किया. उन्होंने कहा कि ये फैसला साबित करता है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी कभी-भी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम नहीं कर सकती. भारतीय लोकतंत्र में फासीवाद, वंशवाद और वंशानुगत उत्तराधिकार के लिए कोई जगह नहीं है. ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि अरूप विश्वास, अरूप रॉय और अकरुज्जमां इस वक्त दिल्ली में मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि वह चंद्रिमा-दी के साथ शुक्रवार सुबह बैठक करेंगे और 11 बजे तक चुनाव आयोग को अपने तीन वैकल्पिक नाम और सिंबल की जानकारी दे देंगे. उन्होंने कहा कि उनके गुट ने 23 जून से चुनाव आयोग को दस्तावेज सौंपने शुरू किए थे और आयोग ने उन्हीं पुख्ता दस्तावेजों के आधार पर ये अंतरिम फैसला लिया है.

क्या है विवाद दरअसल, पश्चिम विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार के बाद पार्टी पर वर्चस्व और असली तृणमूल कांग्रेस होने के दावों को लेकर दोनों गुट लंबे वक्त से आमने-सामने थे, जिसमें दोनों पक्षों ने आयोग का दरवाजा खटखटाया था. जिस पर आयोग ने दोनों पक्षों को अपने दावे, दलीलें और सबूत रखने के लिए तीन बार मौका दिया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, विवाद की गंभीरता और उपचुनावों की निष्पक्षता को देखते हुए आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत अगले आदेश तक दोनों पक्षों के लिए 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'जोड़ा फूल' सिंबल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी.

शेयर करें
हिंदी खबर नेटवर्क पर पढ़ें ताज़ा हिंदी समाचार।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hyderabad News: 58 हजार करोड़ से बदलेगी मूसी नदी की सूरत, लंदन की टेम्स की तर्ज पर बनेगा रिवरफ्रंट

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन 100 करोड़ पार 'टॉक्सिक', शाहरुख और रणवीर सिंह की इन फिल्मों का तोड़ डाला रिकॉर्ड

Toxic Box Office Collection Day 1: यश की टॉक्सिक ने पहले दिन कमाए 140 करोड़, जवान और एनिमल को छोड़ा पीछे