VIDEO: आंखों पर पट्टी और हाथों में रंग... सेकंड में गणपति की तस्वीर बना देते हैं विजय

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VIDEO: आंखों पर पट्टी और हाथों में रंग... सेकंड में गणपति की तस्वीर बना देते हैं विजय

13 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
VIDEO: आंखों पर पट्टी और हाथों में रंग... सेकंड में गणपति की तस्वीर बना देते हैं विजय

आंखों पर पट्टी बंधी है… सामने कैनवास है… हाथों में रंग लिए, देखने वाले सोचते रह जाते हैं कि आखिर बिना देखे तस्वीर कैसे बनेगी? लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कैनवास पर उभर आती है भगवान गणेश की खूबसूरत आकृति. लगभग 35 सालों की साधना, लाखों तस्वीर उकेरने वाले मूर्तिकार विजय कुमार की यह अनोखी कला इन दिनों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. महाराष्ट्र के सिद्धि विनायक मंदिर में दो बार 51 एवं 56 घंटे तक लगातार तस्वीर बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. लिंबका ऑफ बुक में नाम दर्ज भी है.

दरअसल भगवान शिव की नगरी काशी में भगवान गणेश की लगातार 35 वर्षों से साधना करने वाले मूर्तिकार विजय की चर्चा हो रही है. विजय आंखों में पट्टी बांधकर महज 30 - 40 सेकंड में गणपति की आकृति उकेर देते हैं. कई बार एक चित्र तैयार करने में उन्हें एक मिनट का समय लग जाता है. विजय इसे 20 - 25 सेकेंड के अंदर करना चाहते है.

विजय ने बताया कि उनके लिए यह सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि गणपति की आराधना और साधना है. आंखें बंद, मन में गणपति और कैनवास पर उतरती आकृति हैं. विजय ने आगे बताया कि जब वे गणेश की तस्वीर बनाते हैं तो उनका ध्यान पूरी तरह अपने आराध्य पर केंद्रित रहता है.

विजय ने बताया कि बचपन से ही भगवान गणेश की पूजा करते है. वो रोज दुकान पर आते है तो सबसे पहले भगवान गणेश की साधना, अभ्यास करते है. उन्होंने आगे कहा कि आंखें बंद होती हैं, लेकिन मन में गणपति की तस्वीर बिल्कुल स्पष्ट रहती है.

भतीजे की चुनौती ने बदल दिया चित्रकारी का अंदाज विजय कुमार का परिवार कई पीढ़ियों से मूर्ति निर्माण से जुड़ा रहा है. बचपन से ही उन्हें पत्थरों को तराशने और चित्र बनाने का शौक रहा. करीब 35 वर्षों से वे कला साधना में जुटे हैं.

आंखों पर पट्टी बांधकर चित्र बनाने के विषय में बताया कि एक दिन भतीजे ने मजाक में उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर चित्र बनाने की चुनौती दी. विजय ने इसके बाद शुरुआत की तो धीरे-धीरे सही आकृति बनने लगी. अब आँखें खोल एवं बंद आंखें से गणेश की आकृति बना लेते है.

काशी के 56 विनायकों को भी कैनवास पर उतारा विजय कुमार की अनोखी कला को देशभर में पहचान मिली है. काशी के प्रसिद्ध मंदिरों में चित्रकारी करने के साथ उन्होंने काशी के 56 विनायकों की चित्रकला भी तैयार की. विजय ने बताया कि उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनियां देश के अलग-अलग हिस्सों में लग चुकी हैं. कला के क्षेत्र में उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं. उन्हें ‘काशी रत्न’ सम्मान से भी नवाजा जा चुका है.

विजय ने आगे कहा कि उन्होंने अपना जीवन कला को समर्पित किया है. जब तक बप्पा की इच्छा होगी, तब तक उनकी यह कला साधना चलती रहेगी. विजय कुमार के हाथों से कैनवास पर उभरती गणेश की आकृतियां भक्ति का एक अलग ही रूप दिखा रही हैं.

विजय ने आगे बताया कि वो तेजपत्ता, रुद्राक्ष सहित कई छोटी छोटी चीजों पर गणेश की आकृति उकेरने का काम किया है. विजय ने कहा कि उनके लिए रंग और रेखाएं सिर्फ चित्रकारी के औजार नहीं, बल्कि गणपति के चरणों में अर्पित की जाने वाली कला-अंजलि हैं.

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