10 मैचों में 60 विकेट... फिर भी टीम इंडिया से बाहर, भड़के पठान
10 मैचों में 60 विकेट... फिर भी टीम इंडिया से बाहर, भड़के पठान
भारतीय टीम को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसके लिए 15 सदस्यीय स्क्वॉड सामने आ चुका है. मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सरांश जैन को पहली बार टीम में शामिल किया गया, लेकिन जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को निराशा हाथ लगी. नबी ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 60 विकेट झटके थे. इसके बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज करना समझ से परे है.
इस फैसले ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान को भी हैरान कर दिया. इरफान ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर आकिब नबी को किस आधार पर नजरअंदाज किया गया. उनके मुताबिक, पिछले दो सीजन में घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए नबी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके बाद उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना ही चाहिए था.
स्पोर्टस्टार से बातचीत में इरफान पठान ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मेरे पास इस बात का कोई तार्किक जवाब नहीं है कि औकिब नबी को क्यों नहीं चुना गया. मैं चयन प्रक्रिया को बिल्कुल नहीं समझ पाया.' इरफान ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया एकमात्र टेस्ट आकिब नबी को आजमाने का सबसे अच्छा मौका था. उन्होंने कहा कि वह मुकाबला विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) का हिस्सा भी नहीं था.यह भी पढ़ें: बुमराह-जडेजा की वापसी, सारांश जैन को चांस... श्रीलंका दौरे के लिए टीम सेलेक्शन की 5 बड़ी बातें
इरफान पठान कहते हैं, 'जब जसप्रीत बुमराह नहीं होते तो मोहम्मद सिराज आपके नंबर-1 तेज गेंदबाज हैं. ऐसे में अफगानिस्तान जैसे टेस्ट में सिराज को खिलाने की क्या जरूरत थी? अगर घरेलू क्रिकेट की परफॉर्मेंस मायने रखती है तो औकिब नबी को मौका क्यों नहीं दिया गया?'
जम्मू-कश्मीर को बनाया रणजी चैम्पियन आकिब नबी ने पिछले घरेलू सीजन में जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल में उन्होंने केएल राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को अपनी सटीक गेंदबाजी से काफी परेशान किया था. इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें इंडिया-ए टीम में भी जगह मिली. हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए के लिए खेले गए दो चार दिवसीय मैचों में उन्होंने 6 विकेट चटकाए और एक बार फिर साबित किया कि वह लंबे प्रारूप के लिए तैयार हैं. इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें सीनियर टीम में शामिल नहीं किया.
इरफान पठान का मानना है कि किसी तेज गेंदबाज का मूल्यांकन सिर्फ उसकी रफ्तार से नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, 'लोग सिर्फ स्पीड की बात करते हैं, लेकिन यह भी देखना चाहिए कि गेंदबाज बल्लेबाज को कितनी बार बीट कर रहा है. क्या वह घरेलू क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान कर रहा है? आकिब ने यह लगातार करके दिखाया है. रणजी ट्रॉफी फाइनल में भी उसने केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल दिया था. उसके प्रदर्शन को इनाम मिलना चाहिए था.'यह भी पढ़ें: कौन हैं 33 साल के सारांश जैन? जिनकी टीम इंडिया में हुई सरप्राइज एंट्री, संघर्ष की कहानी कर देगी भावुक
इरफान ने दी सेलेक्टर्स को वॉर्निंग! इरफान पठान ने चयनकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तेज गेंदबाजों के करियर का सर्वश्रेष्ठ समय सीमित होता है. अगर उन्हें सही समय पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका नहीं दिया गया तो भारतीय क्रिकेट को ही नुकसान होगा. इरफान ने बताया, 'तेज गेंदबाज 27 से 32 साल की उम्र के बीच अपने चरम पर होते हैं. अगर आप उन्हें देर से मौका देंगे तो उनका सबसे अच्छा समय निकल जाएगा. भारत ऐसे गेंदबाजों का पीक गंवाना नहीं चाहेगा.'
इरफान पठान ने साफ किया कि उन्हें सरांश जैन के चयन से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए, लेकिन यही पैमाना आकिब नबी पर भी लागू होना चाहिए था.
उन्होंने कहा, 'सरांश जैन का चयन शानदार है. इससे घरेलू क्रिकेट खेलने वालों को संदेश जाता है कि प्रदर्शन का सम्मान होगा. लेकिन फिर औकिब नबी के साथ अलग व्यवहार क्यों? उसने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. तेज गेंदबाजों की जरूरत हमेशा रहती है, क्योंकि चोटें ज्यादा लगती हैं. ऐसे में मजबूत बैकअप तैयार रखना जरूरी है.'
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