16 महीने में 6000 आवेदन... आखिर में काम आया पुराना व्यवहार!
16 महीने में 6000 आवेदन... आखिर में काम आया पुराना व्यवहार!

'रोज सुबह उठना, जॉब पोर्टल्स खंगालना, दिन में 80-80 नौकरियों के लिए अप्लाई करना और फिर राशन की दुकान के बाहर लाइन में खड़े होकर इंटरव्यू देना...' सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं न? लेकिन यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि सिलिकॉन वैली के एक ऐसे शख्स की आपबीती है जिसे अपने काम का 10 साल का अनुभव था.
पेपाल जैसी दिग्गज फिनटेक कंपनी में 10 साल तक शानदार काम करने के बाद जुलाई 2024 में जब जॉन की छंटनी हुई, तो उन्हें लगा कि यह दौर जल्द बीत जाएगा. लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे 16 महीनों का एक ऐसा दलदल उनका इंतजार कर रहा है, जो उन्हें और उनके परिवार को पाई-पाई का मोहताज बना देगा. बिजनेस इनसाइडर की एक स्पेशल रिपोर्ट के जरिए आइए समझते हैं जॉन के इस खौफनाक स्ट्रगल और उससे मिलने वाली 3 बड़ी सीख को.
नौकरी जाने के बाद जॉन ने पूरी ताकत से जॉब मार्केट में वापसी की कोशिश की. 16 महीनों के लंबे इंतजार में उन्होंने 2,000 से अधिक कंपनियों में कुल 6,000 से ज्यादा जॉब्स के लिए अप्लाई किया. एक ही दिन (17 अगस्त 2025) में रिकॉर्ड 88 नौकरियों के लिए आवेदन भेजा. फिर AI आधारित इंटरव्यूज का सामना किया और पाया कि आज के जॉब मार्केट में 48 घंटे के भीतर ही जॉब पोस्टिंग्स गायब हो जाती हैं.
जॉन ने स्वीकार किया कि 10 साल पहले जब उन्होंने नौकरी ढूंढी थी, तब से आज का जॉब मार्केट पूरी तरह बदल चुका है. एटीएस (Applicant Tracking System) फ्रेंडली बनाने के लिए उन्होंने अपने दो पन्नों के रिज्यूमे को काटकर एक पन्ने का किया, जिससे इंटरव्यू कॉल्स तो आने लगीं, लेकिन बात फाइनल ऑफर तक नहीं पहुंच पा रही थी.
अंतिम जमापूंजी खत्म होने लगी और घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया. नौबत यहां तक आ गई कि उन्हें अपना घर बेचने पर विचार करना पड़ा. बजट न बिगड़े इसके लिए हर उस तरीके से खाना बनाना सीखा जिससे सिर्फ आलू से पेट भरा जा सके. जॉन बताते हैं, 'मैं उस दिन को कभी नहीं भूल सकता जब मैं हफ्ते भर का मुफ्त राशन लेने के लिए कार में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था और वहीं से ज़ूम पर जॉब इंटरव्यू दे रहा था.'
जब 6,000 आवेदनों और दर्जनों इंटरव्यूज से भी बात नहीं बनी, तब काम आया जॉन का पुराना नेटवर्क और व्यवहार. साल 2022 में जॉन ने ब्राजील से अमेरिका आए अपने एक साथी की रहने और बसने में निस्वार्थ मदद की थी. अक्टूबर 2025 में, जब जॉन ने फेसबुक पर अपनी बदहाली और संघर्ष का जिक्र किया, तो उसी पुराने साथी (जो अब वीजा में था) ने जॉन से संपर्क किया. उसने वीजा में 'सीनियर कंसल्टेंट' के पद के लिए जॉन का नाम आगे बढ़ाया और उनकी वर्क एथिक्स की सिफारिश की. नवंबर 2025 में जॉन के 40वें जन्मदिन के दिन उनका फाइनल इंटरव्यू हुआ और 16 महीने के वनवास के बाद उन्हें आखिरकार जॉब ऑफर मिल गया.
पुराने ढर्रे का रिज्यूमे आज के एटीएस (ATS) दौर में काम नहीं करेगा. उसे समय-समय पर अपडेट करें और छोटा व सटीक रखें. एआई और ऑटो-फिल टूल्स से सिर्फ एप्लीकेशन जमा हो सकती है, लेकिन जब मार्केट बहुत खराब हो, तो आपका पिछला काम और लोगों के साथ आपका व्यवहार ही आपको नौकरी दिलाता है. जॉन का मानना है कि जब आप दूसरों की निस्वार्थ मदद करते हैं, तो वो अच्छाई किसी न किसी मोड़ पर आपके पास लौटकर जरूर आती है. आज जॉन उसी फूड बैंक में वॉलांटियर के रूप में काम करते हैं जिसने कभी उनके बुरे वक्त में पेट भरा था.
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