तो ₹51000 बढ़ जाएगी कर्मचारियों की सैलरी, पूरी होगी मांग?

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तो ₹51000 बढ़ जाएगी कर्मचारियों की सैलरी, पूरी होगी मांग?

21 जुलाई 2026 को 07:15 am बजे
तो ₹51000 बढ़ जाएगी कर्मचारियों की सैलरी, पूरी होगी मांग?

आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अभी लागू नहीं हुआ है और इसे लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं. कर्मचारी यूनियन ने फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) समेत कई मुद्दों पर अपनी डिमांड सरकार को दे दी है, जिसे लेकर सरकार लगातार बैठकें कर रही है. विचार-विमर्श के बाद नए वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं. (Photo: ITG)

कर्मचारियों ने की है ये खास डिमांड  कर्मचारी यूनियनों की ओर से उठाई जा रहीं तमाम मांगों में सबसे अहम फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग है. जिसे 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ाकर 3.83 किए जाने की डिमांड की जा रही है. यूनियनें इसे जरूरी बता रही हैं, जिससे कि महंगाई के कारण सालों से वेतन के वास्तविक मूल्य में हुई कमी को बहाल किया जा सके. हालांकि, इससे जुड़ी बीते दिनों आईं रिपोर्ट्स को देखें, तो हो सकता है सरकार इस डिमांड को मांगने के बजाय कोई बीच का रास्ता निकाले. (Photo: ITG)

9 दौर की बैठकें हो चुकीं पूरी फिलहाल, सरकार इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी यूनियनों समेत हितधारकों के साथ चर्चा कर रही है और इसके बाद रिपोर्ट तैयार होकर GoM (मंत्रियों के समूह) के पास भेजी जाएगी, जहां से मंजूरी के बाद ये लागू होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार और यूनियन संगठनों के बीच नौ बैठकें हो चुकी हैं और आगे की बातचीत के लिए बैठकें होने वाली हैं. (Photo: PTI)

सैलरी बढ़ाने वाला फैक्टर Fitment Factor में इजाफे की डिमांड ऐसे ही तेज नहीं हो रही है, बल्कि इसके पीछे बड़ी वजह है. दरअसल, सैलरी हाइक में ये फैक्टर अहम माना जाता है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अगर कर्मचारियों की डिमांड के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर 3.83 कर दिया जाता है, तो फिर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे 51,000 रुपये बढ़कर करीब 69,000 रुपये हो जाएगी. बता दें फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू है. (Photo: ITG)

क्या होता है Fitment Factor? फिटमेंट फैक्टर वो आंकड़ा होता है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा किसी कर्मचारी के पूर्व-संशोधित मूल वेतन (या पेंशन) को नए, संशोधित मूल वेतन संरचना में बदलने के लिए होता है. इसमें किसी भी तरह का परिवर्तन सीधे सैलरी, पेंशन और संबंधित बकाया राशि पर असर डालता है.  इसका फॉर्मूला 'नया मूल वेतन: वर्तमान मूल वेतन x FF' होता है. (Photo: Pixabay)

सैलरी में बढ़ोतरी का कैलकुलेशन फिटमेंट फैक्टर के जरिए सैलरी का कैलकुलेशन बेहद ही आसान है. इसके फॉर्मूले के हिसाब से देखें, तो फिलहाल 7th Pay Commission के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू 2.57 फिटमेंट फैक्टर के तहत मूल वेतन 18,000 है. अगर इस फैक्टर में इजाफा करते डिमांड के मुताबिक, 3.83 किया जाता है, तो फिलहाल 18,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक-पे (₹18000 x 3.83 = ₹68,940) हो जाएगा. यानी सैलरी में सीधे करीब 51000 रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी. (Photo: ITG)

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