कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल की बरसात, अब मुथुपांडी ने जीता सिल्वर

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कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल की बरसात, अब मुथुपांडी ने जीता सिल्वर

27 जुलाई 2026 को 07:56 am बजे
कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल की बरसात, अब मुथुपांडी ने जीता सिल्वर

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत के लिए एक और खुशखबरी आई. मेन्स 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में राजा मुथुपांडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. मुथुपांडी ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 286 किलोग्राम (126 किग्रा स्नैच+160 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया और दूसरे स्थान पर रहे. इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल मलेशिया के अजनिल बिन बिदिन मुहम्मद ने जीता. उन्होंने कुल 299 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बना दिया. वहीं पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

राजा मुथुपांडी और मोरिया बारू के बीच सिल्वर मेडल की जंग आखिरी प्रयास तक चली. बारू अगर अपनी अंतिम क्लीन एंड जर्क लिफ्ट पूरी कर लेते तो सिल्वर उनके नाम हो सकता था, लेकिन वह नाकाम रहे. इसका फायदा मुथुपांडी को मिला और उन्होंने भारत के लिए रजत पदक पक्का कर दिया. मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का ये चौथा मेडल रहा. इस गेम्स के चौथे दिन वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने गोल्ड और ऋषिकांत सिंह ने सिल्वर जीता था. वहीं पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भारत को पहला पदक दिलाया था.

Result Update🚨: Weightlifting, Men's 65KG Another podium finish for India in Weightlifting! 🇮🇳🏋️‍♂️ Congratulations to Raja Muthupandi on securing the Silver Medal at the Commonwealth Games, adding India's third medal of the day. Raja delivered an impressive performance with a… pic.twitter.com/J6BTR1LOEo

आसान नहीं रहा है राजा मुथुपांडी का सफर राजा मुथुपांडी की सफलता के पीछे कई वर्षों का संघर्ष छिपा है. उन्होंने 2017 कॉमनवेल्थ यूथ और जूनियर चैम्पियनशिप में गोल्ड और सिल्वर जीतकर अपनी प्रतिभा दिखाई थी. इसके बाद 2019 और 2022 में राष्ट्रीय खिताब जीतकर वह देश के उभरते वेटलिफ्टर बने. हालांकि 2019 कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप के दौरान स्नैच लिफ्ट करते समय उनकी दाहिनी कोहनी का लिगामेंट फट गया. सर्जरी के बाद उन्हें लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा. वापसी के बाद भी 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स की भारतीय टीम में उनका चयन नहीं हो सका, जिससे उनका सपना टूट गया.

राजा मुथुपांडी ने हार नहीं मानी. 2024 में उन्होंने 61 किलोग्राम वर्ग में 289 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसके बाद 2025 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता और नॉर्वे में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में 299 किलोग्राम (130 किग्रा स्नैच+169 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. विश्व चैम्पियनशिप में नौवें स्थान पर रहकर उन्होंने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत की.

स्नैच राउंड में मुथुपांडी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह पहले प्रयास में असफल रहे. लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 126 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया. दूसरी ओर मलेशिया के बिदिन लगातार 130 और 133 किलोग्राम उठाकर बढ़त बना चुके थे. क्लीन एंड जर्क में श्रीलंका, नाइजीरिया और पापुआ न्यू गिनी के खिलाड़ियों ने भी कड़ी चुनौती दी. मुथुपांडी 158 किलोग्राम के पहले प्रयास में सफल नहीं हुए, लेकिन उन्होंने 160 किलोग्राम उठाकर मुकाबले में वापसी की। हालांकि बिदिन ने 162 और फिर 166 किलोग्राम उठाकर गोल्ड लगभग पक्का कर लिया.

इसके बाद मुथुपांडी ने गोल्ड की उम्मीद में 170 किलोग्राम का जोखिम उठाया, लेकिन वह इस प्रयास में सफल नहीं हो सके, इसके बावजूद उनका 286 किलोग्राम का कुल वजन उन्हें सिल्वर दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ. अब भारतीय फैन्स की बिंद्यारानी देवी, वल्लुरी अजय बाबू और ज्ञानेश्वरी यादव पर हैं, जो वेटलिफ्टिंग में अपनी चुनौती पेश करेंगे.

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